ढीमरखेड़ा। शासन प्रशासन द्वारा जनता को सीधा लाभ पहुंचाने के लिए अनेकों योजनाएं बनाई जाती हैं उनमें से एक संबल योजना है जो कि श्रमिकों एवं महिला श्रमिकों के लिए लाभकारी सिद्ध होती है लेकिन प्रशासनिक कर्मचारी जो की इस योजना को जनता तक पहुंचाने का काम करते हैं वही कर्मचारी नियमों को ताक में रखकर दलाली के चक्कर में एवं कमीशन के चक्कर में योजनाओं को प्रभावित कर रहे हैं मामला है ढीमरखेड़ा जनपद का जहां पर संबल योजना का लाभ लेने के लिए हितग्राही सरकारी दफ्तर के चक्कर काटते हैं और कमीशन ना मिलने पर जनपद में अप्रूवल करने वाले जिम्मेदार द्वारा सत्यापन ना करके योजनाओं की धज्जियां उड़ा रहे हैं प्राप्त जानकारी के अनुसार दशरमन के एक महिला हितग्राही जो की जुलाई 2023 को सिलाई में नियोजन के तहत संबल कार्ड के लिए आवेदन किया गया था आवेदन का सत्यापन ग्राम पंचायत दशरमन द्वारा करके जनपद के लिए प्रेषित कर दिया गया लेकिन जनपद पंचायत में पदस्थ संबंधित विभाग के कर्मचारी सिद्धार्थ कलसिया द्वारा सत्यापन नहीं किया गया जब हितग्राही द्वारा सीएम हेल्पलाइन लगाई गई तब दिसंबर माह में संबल का सत्यापन किया गया और हितग्राही की डिलीवरी उपरांत सत्यापन किया गया जिससे जनपद में पदस्थ कर्मचारियों की लापरवाही के कारण हितग्राही को संबल योजना के तहत प्रस्तुतिका में मिलने वाली राशि से वंचित कर दिया गया इसके बाद हितग्राही द्वारा शासन की महत्वपूर्ण योजना सीएम हेल्पलाइन एवं कटनी के तत्कालीन कलेक्टर अवि प्रसाद के पास भी शिकायत की गई थी लेकिन समस्या का कोई निराकरण नहीं किया गया जनपद में पदस्थ लापरवाह कर्मचारियों द्वारा जवाब प्रस्तुत किया गया कि आचार संहिता प्रभावी होने के कारण सत्यापन नहीं किया गया जबकि जानकारों की माने तो पूर्व में किए गए सभी आवेदनों को सत्यापन आचार संहिता के दौरान भी होना था और कई आवेदनों का सत्यापन भी किया गया है जो की आचार संहिता के दौरान ही थे इस प्रकार से पदस्थ कर्मचारियों द्वारा झूठ बोलकर शासन की योजनाओं को जनता तक नहीं पहुंचा जा रहा है
*कर्मचारियों को बचाने सीएम हेल्पलाइन से हुआ खिलवाड़*
योजना का लाभ न मिलने पर हितग्राही द्वारा हितग्राही द्वारा 16 में 2024 को सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की गई जिसका शिकायत नंबर 27158009 है और निराकरण न होते होते शिकायत लक लेवल के अधिकारी तक पहुंच गई जिसमें संबंधित कर्मचारी के ऊपर कार्यवाही भी हो सकती थी लेकिन विभाग द्वारा सीएम हेल्पलाइन के नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए शिकायत को मांग में परिवर्तित करके दिसंबर 2024 में बंद कर दिया गया ढीमरखेड़ा जनपद विभाग द्वारा ना तो हितग्राही से संपर्क किया गया और ना ही समस्या का निराकरण कराया गया शासन की महत्वपूर्ण योजना के साथ खुलेआम खिलवाड़ कर शिकायत को बंद कर दिया गया हितग्राही द्वारा बताया जा रहा है कि अगर अधिकारी कर्मचारियों द्वारा प्रदेश में अव्वल आने के लिए फर्जी तरीके से शिकायत का निराकरण कर सीएम हेल्पलाइन को बंद कराया जाएगा तो लोगों का शासन की महत्वपूर्ण योजना से विश्वास उठता जाएगा और दोबारा लोग हेल्पलाइन का सहारा लेने में कतराते रहेंगे
कलेक्टर से कार्यवाही की मांग
महिला हितग्राही ने वर्तमान कलेक्टर दिलीप यादव से मांग की है कि कलेक्टर कार्यालय में पूर्व में भी इस संबंध में आवेदन दिया गया था और हेल्पलाइन में शिकायत भी दर्ज की गई थी लेकिन आज तक संबंधित कर्मचारियों के ऊपर कोई भी कार्यवाही नहीं की गई अतः कलेक्टर साहब से निवेदन है कि जनपद में पदस्थ कर्मचारियों सिद्धार्थ कलसिया की लापरवाही के कारण मुझे मिलने वाली 10 हजार के ऊपर की राशि से वंचित किया गया है उस राशि को संबंधित राशि कर्मचारी के वेतन से कटकर मुझे प्रदान कर कर्मचारी के ऊपर उचित कार्यवाही की जाए
रिपोर्टर राजेंद्र कुमार चौरसिया धीमरखेडा कटनी


