कालापीपल(बबलू जायसवाल)निजी गोदाम मालिकों की स्थिति दिन-प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है।भारत सरकार की ग्रामीण भंडारण योजना के तहत करीब 8000 करोड़ रुपए का निवेश कर गोदाम बनाने वाले मालिकों को पिछले तीन वर्षों से किराया नहीं मिल रहा है।साथ ही कालापीपल क्षेत्र के वेयरहाउस के मालिकों का 12 माह का किराया शेष बाकी है।शाजापुर पहुंच कर वेयर हाउस संचालकों ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर कार्यालय पहुंच कर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा,जिसमें शुजालपुर, कालापीपल और अकोदिया के गोडाउन संचालकों ने बताया कि मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक कॉर्पोरेशन के माध्यम से इन गोदामों में गेहूं,धान,मूंग,चावल,चना और सरसों जैसी फसलों का भंडारण किया जाता है।गोदाम का किराया शासन नियम अनुसार फर्स्ट कैटिगरी 10 एम.टी 79 रुपए प्रति हिसाब एवं सेकंड कैटिगरी 10 एम.टी 74 रुपए के हिसाब से गोदाम मालिकों को दिया जाता है।गोडाउन संचालकों ने बताया है कि 2016-17 में किए गए प्याज भंडारण का किराया अभी तक बकाया है।किराए के भुगतान न होने से गोदाम मालिक बैंक का कर्ज नहीं चुका पा रहे हैं।जिससे उनके खाते एनपीए हो रहे हैं।स्थिति यह है कि कर्मचारियों को वेतन देने में भी परेशानी हो रही है।इसके अलावा, उपज के कीटोपचार न होने से भंडारित सामान के खराब होने का जोखिम बढ़ रहा है।गोदाम मालिकों ने मुख्यमंत्री से वर्ष 2025-26 की उपार्जन और भंडारण नीति में उन्हें शामिल करने की मांग की है,साथ ही लंबित किराए का जल्द भुगतान करने की गुहार लगाई है,ताकि उनके गोदामों को नीलामी से बचाया जा सके।


