रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। प्रदेश सरकार को करोड़ों रुपए का राजस्व देने वाली रेत ठेका कंपनी के बाबई रोड पवारखेड़ा बाईपास पर स्थित कार्यालय में शनिवार 18 जनवरी की सुबह रेत के अवैध कारोबार से जुड़े हमलावरों द्वारा ऑफिस में घुसकर तोड़फोड़ और पथराव करने के मामले में जांच उपरांत देहात पुलिस ने रविवार 19 जनवरी को दोपहर रेत ठेका कंपनी के कर्मचारी योगेश शर्मा निवासी मुरैना की रिपोर्ट पर डोंगरवाड़ा ग्राम के सरपंच माखन कीर,उसके भाई अशोक कीर ,जीतू कीर और गोविंद कीर के खिलाफ गाली गलौज, मारपीट,तोड़फोड़, जान से मारने की धमकी दिए जाने का मामला बीएनएस की धाराओं में दर्ज किया है। शनिवार सुबह रेत ठेका कंपनी के ऑफिस में हमला करने वालों ने जिस “काले रंग की थार गाड़ी” का उपयोग किया था उक्त गाड़ी से हमला करने के पूर्व घटनास्थल पर पहुंचे थे, उक्त थार गाड़ी को देहात पुलिस ने शनिवार दिन में पकड़कर थाने में खड़ा करा लिया था। क्योंकि हमले की घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई थी जिसमें उक्त काली थार गाड़ी सहित हमलावर भी नजर आ रहे थे। परंतु घटना के दिन ही
शनिवार देर शाम” थार गाड़ी “थाने से गायब हो गई, जिसके बाद सोशल मीडिया पर बवाल मच गया। उक्त संबंध में एसडीओपी पराग सैनी द्वारा बताया गया कि घटना के दिन थार गाड़ी पर मामला दर्ज न होने के कारण छोड़ दिया गया था, जिसे अब वापस बुला लिया गया है। उक्त गाड़ी देहात थाने में खड़ी करा ली गई है। दूसरी तरफ सूत्रों का मानना है की घटना के बाद से ही पुलिस पर रसूखदारों द्वारा दबाव बनाया जा रहा है, जिसके तहत ही घटना में प्रयुक्त गाड़ी को कारण बताकर देहात पुलिस छोड़ने को मजबूर हुई थी ?जिसको लेकर यह भी सवाल है कि जब शनिवार को FIR दर्ज नहीं हुई थी तो फिर पुलिस ने काली थार गाड़ी को पकड़ा ही क्यों? जबकि उक्त घटना एक्सीडेंटल ना होकर हमला और तोड़फोड़ करने से संबंधित थी? इस मामले में पुलिस ने घटना के दिन शनिवार को ही अशोक कीर निवासी डोंगरवाडा की तरफ से रेत रॉयल्टी के चार अज्ञात कर्मचारियों के खिलाफ गाड़ी धीरे चलाने को कहने पर गाली गलौच ,मारपीट, जान से मारने की धमकी देने जैसी धाराओं में मामला दर्ज कर लिया था। पर भी सवाल खड़े होते है कि यदि रेत के डंपर ने तेज रफ्तार से साइड से कट मारते हुए निकला था तो रेत रॉयल्टी ऑफिस की जगह थाने जाकर FIR दर्ज कराई जानी थी, डंपर चालक के खिलाफ ? इस घटना के बाद करोड़ों का सरकार को राजस्व देने वाले रेत ठेका कंपनी कर्मचारियों में दहशत का माहौल निर्मित हो गया है। वहीं पूरी घटना को पुलिस अधीक्षक डॉक्टर गुरकरन सिंह सहित एसडीओपी पराग सैनी ने गंभीरता से लिया हुआ है। एसडीओपी पराग सैनी ने पूरी जानकारी देहात थाना प्रभारी से ली है और सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए हुए हैं। जिसका परिणाम यह रहा कि घटना में प्रयुक्त काली थार गाड़ी मंगलवार दिन में पुलिस अभिरक्षा में थाने में खड़ी नजर आई। सूत्रों की माने तो अब पुलिस संबंधितों के पुराने अपराधों को भी खंगाल रही है और उनका डाटा तैयार कर रही है। फिलहाल देहात पुलिस घटना को लेकर साक्ष्य एकत्र करने में जुटी हुई है। वही उक्त घटना को लेकर यह बात भी सामने आई है कि बिना रॉयल्टी की रेत से भरी एक ट्रैक्टर ट्राली को पकड़ने के बाद विवाद हुआ और फिर रेत कंपनी के ऑफिस पर कई लोगों ने हमला किया और मारपीट सहित तोड़फोड़ की घटना को अंजाम दिया।फिलहाल पूरा मामला देहात पुलिस की जांच में है।


