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रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। धार्मिक नगरी नर्मदापुरम में प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा शराब विक्रय पर लगाए गए पूर्णतः प्रतिबंध के बावजूद राजनीतिक रसूखदार शराब माफिया हावी हो गए हैं। धार्मिक नगरी में निरंतर शराब की तस्करी सहित फल फूल रहे अवैध शराब कारोबार को लेकर मुख्यमंत्री से लेकर प्रभारी मंत्री तक से यहां के जनप्रतिनिधि और मीडिया सवाल उठा चुकी है। उसके बावजूद अवैध शराब कारोबार पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। धार्मिक नगरी में अवैध शराब कारोबार को लेकर आबकारी विभाग के जवाबदारों पर भी उंगली उठ रही है, वही आबकारी विभाग की कार्यवाही सिर्फ महुआ लाहान तक विशेष रूप से नजर आती है ? अब पिछले दिनों सिटी कोतवाली पुलिस द्वारा नववर्ष के पूर्व 26 दिसंबर 2024 की रात को 16 पेटी अंग्रेजी शराब के साथ पकड़ी गई ऑल्टो कार सहित चालक आयुष तिवारी निवासी हर्बल पार्क नर्मदापुरम को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उक्त कारवाही के दौरान दो अन्य आरोपी शिरीष गुरब और अस्सु पठान पुलिस की घेराबंदी से पूर्व ही भाग गए थे। इस मामले में पकड़ा गया आरोपी आयुष तिवारी न्यायालय से जेल की सलाखों के पीछे पहुंच गया परंतु पुलिस आरोपी आयुष तिवारी से यह खुलासा नहीं करवा सकी कि पकड़ी गई उक्त अंग्रेजी शराब किस दुकान अथवा ठेकेदार की है? इसके बाद पुलिस ने पकड़ी गई शराब के बैच नंबर के आधार पर अब जिला आबकारी अधिकारी को पत्र लिखकर पकड़ी गई शराब की जानकारी चाही है। मामले में सिटी कोतवाली टीआई सौरभ पांडे ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी आयुष तिवारी नहीं बता पाया कि उक्त शराब वह कहां से कार में ला रहा था? अन्य दो आरोपी शिरीष गुरब और अस्सु पठान को पकड़ने का प्रयास कर रहे है।जिसके बाद संभवत और जानकारी मिलेगी। पकड़ी गई शराब की बैच नंबर के आधार पर हमने जिला आबकारी अधिकारी से जानकारी मांगी है। अवगत हो कि थाना कोतवाली नर्मदापुरम द्वारा लोकसभा चुनाव 2024 की आचार संहिता के दौरान 20 मार्च 2024 को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर राजघाट स्थित एक घर से अवैध शराब का जखीरा पुलिस ने दबिश देकर पकड़ा था, इस दौरान पुलिस को 40 पेटी अंग्रेजी शराब पकड़ने में सफलता मिली थी। पकड़ी गई शराब के मामले में पुलिस द्वारा भीलपुरा राजघाट निवासी सुरेश सन्तोरे,चंचल सोनी सर्राफा बाजार, शिरीष गुरब गिन्नी कंपाउंड, बसंती बाई भीलपुरा को आरोपी बनाया था। सूत्रों की माने तो उक्त मामले में भी पुलिस आरोपियों से यह खुलासा नहीं करवा सकी कि पकड़ी गई शराब किस दुकान अथवा ठेकेदार से लाई गई थी? उक्त मामले में भी पुलिस ने आबकारी विभाग से पकड़ी गई शराब के बैच नंबर के आधार पर जानकारी मांगी थी, सूत्रों की माने तो आबकारी विभाग बैच नंबर के आधार पर भी जानकारी नहीं दे सका? अब बड़ा सवाल यह है कि क्या 26 दिसंबर 2024 की रात पकड़ी गई शराब की जानकारी आबकारी विभाग दे पाएगा? ऐसे में यह सवाल भी खड़े होते हैं कि क्या रसूखदार तस्करों का इतना खौफ है कि पकड़े जाने के बाद आरोपी मुंह नहीं खोल पा रहे पुलिस के सामने ? और आबकारी विभाग बैच नंबर के आधार पर किस शराब दुकान को सप्लाई हुई यह भी नहीं बता पा रहा? जिस पर अब बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। तो क्या ऐसी स्थिति में नर्मदापुरम में शराब तस्करी के चल रहे इस खेल की जांच सीबीआई से कराई जानी होगी? जागरूक नागरिकों के बीच चर्चा का विषय भी बन गया है।


