अब तक 39 हजार 81 कृषकों से उपार्जित की जा चुकी धान
कृषकों को किया गया 318 करोड़ 37 लाख रुपये का भुगतान
कटनी – भारत सरकार द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए धान कॉमन का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2300 रुपये प्रति क्विंटल तथा धान ग्रेड – ए का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2320 रुपये प्रति क्विंटल पर बुधवार 8 जनवरी तक कुल 39 हजार 81 किसानों से 3 लाख 32 हजार 585 मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया जा चुका है। इसमें 2 लाख 25 हजार 478 मीट्रिक टन धान का गोदामों में परिवहन भी किया जा चुका है। जिले में अब तक 49 हजार 156 कृषकों द्वारा स्लॉट की बुकिंग की जा चुकी है तथा 1 लाख 92 हजार 375 मीट्रिक टन के स्वीकृति पत्रक भी जारी किये जा चुके है। इसी तरह से अब तक कृषकों को उपार्जित धान का 318 करोड़ 37 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
*तहसील बहोरीबंद में हुआ सर्वाधिक उपार्जन*
जिले में अब तक हुए धान उपार्जन के मामले में तहसील बहोरीबंद अग्रणी है। यहां पर बुधवार 8 जनवरी प्रातः की स्थिति में कुल 8060 किसानों से 71 हजार 436 मीट्रिक टन धान का समर्थन मूल्य पर उपार्जन किया जा चुका है। जबकि दूसरे नंबर पर तहसील ढीमरखेड़ा मे 6470 किसानों सेे 47 हजार 908 मीट्रिक टन धान समर्थन मूल्य पर उपार्जित की जा चुकी है।
इसके अलावा रीठी तहसील में अब तक की स्थिति में 4687 किसानों से 45 हजार 46 मीट्रिक टन धान उपार्जित की गई है। वहीं बड़वारा तहसील में 5368 किसानों से 38 हजार 888 मीट्रिक टन धान उपार्जित की जा चुकी है। जबकि विजयराघवगढ़ तहसील के 4430 कृषकों से 36 हजार 19 मीट्रिक टन धान उपार्जित की जा चुकी है। इसी प्रकार बरही तहसील के 4017 किसानों से 35 हजार 318 मीट्रिक टन धान व कटनी एवं कटनी नगर तहसील तहसील के 3178 किसानों से 32 हजार 164 मीट्रिक टन तथा के साथ ही स्लीमनाबाद तहसील के 2871 किसानों से 25 हजार 805 मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया जा चुका है।
कलेक्टर श्री दिलीप कुमार यादव ने धान उपार्जन कार्य से जुड़े सभी अधिकारियों को धान उपार्जन केन्द्रों में तिरपाल, पन्नी सहित अन्य समस्त आवश्यक इंतजाम पुख्ता रखनें के निर्देश दिए है। इसके अलावा कलेक्टर श्री यादव द्वारा निरंतर उपार्जन केन्द्रों का औचक निरीक्षण भी किया जाकर खरीदी केन्द्र प्रभारियों और इस कार्य से संबंधित सभी अधिकारियों को दो टूक लहजे मे निर्देशित किया है कि किसानों के हित से जुड़े मामले में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की


