रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। शिक्षा विभाग में चल रही गड़बड़ियों के मामले में विभाग कितना गंभीर है,कोरोना काल से चल रही गंभीर वित्तीय अनियमितता के मामले से प्रकाश में आया है। शिकायतकर्ता ने जांच रिपोर्ट पर भी कार्यवाही नहीं होने का आरोप लगाते हुए मुख्य सचिव मध्यप्रदेश शासन सहित सीएम हेल्पलाइन और जिला शिक्षा अधिकारी से भी शिकायत की है। इसी के साथ लोकायुक्त सहित ईओडब्ल्यू में भी मामले में जांच उपरांत कारवाही न होने को लेकर शिकायत की है। शिकायतकर्ता सिवनीमालवा तहसील के ग्राम चतरखेड़ा निवासी सुनील मालवीय ने बताया कि कोरोना काल में जब पूरे देश में लॉकडाउन लगा हुआ था और लोग अपने घरों में जिंदगी बचाने के लिए दुबके हुए थे। ऐसे समय में जिले के सभी स्कूल और छात्रावास बंद हो चुके थे। उस दौरान विकासखंड स्त्रोत समन्वयक (BRC) के संरक्षण में सुभाषचंद्र बोस बालक छात्रावास पवारखेड़ा का संचालन किया गया। जिसमें बीआरसी और वार्डन की मिलीभगत से गंभीर आर्थिक अनियमितताएं की गई। जिसको लेकर कलेक्टर की जनसुनवाई सहित कमिश्नर के यहां भी शिकायतकर्ता सुनील मालवीय ने शिकायत की थी। शिकायत के संबंध में डीपीसी डॉ. राजेश जायसवाल ने बताया कि बीआरसी आनंद शर्मा की प्रतिनियुक्ति समाप्त कर उन्हें मूल संस्था में भेज दिया गया है। क्योंकि आनंद शर्मा की मूल पदस्थापना शिक्षा विभाग में उच्चतर माध्यमिक शिक्षक के पद पर है तो कार्यवाही जिला शिक्षा अधिकारी को करनी है। श्री शर्मा करीब 12 वर्षों तक बीआरसी पद पर रहे हैं।


