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उमरियापान:- बेमौसम बारिश की वजह से ढीमरखेड़ा के खरीदी केंद्रों के में रखी लाखों क्विंटल धान भीग गई है। यह हाल खुले में खरीदी केंद्रों में रखी धान का परिवहन न होने के कारण हुआ है। धान भींगने से किसानों के माथे पर चिंता की
लकीरें है। अभी तक किसानों को उनकी उपज का दाम भी नहीं मिला है और ऊपर से बारिश ने जिले में लाखों क्विंटल धान को अपनी चपेट में ले लिया है। ढीमरखेड़ा तहसील में 15 केन्द्रों में धान खरीदी हो रही थी। धान का परिवहन न होने
की वजह से खरीदी केंद्रों में उपज का अंबार लगा हुआ था।उठाव न होने की वजह से धान केंद्रों में ही थी और खुले में रखी हुई थी। ढकने के लिए खरीदी केंद्रों में कोई इंतजाम नहीं थे। इस वजह से धान की फसल भीग भीग गई है। शनिवार को हुई बेमौसम बारिश के बाद केंद्र प्रभारी और किसान अपनी उपज को पन्नी त्रिपाल से बचाते हुए दिखे।
बारिश के चलते ढीमरखेड़ा के मुरवारी केंद्र में तो घुटनों के नीचे तक पानी भर गया। पानी भरने से हजारों क्विंटल की उपज भीगकर खराब होने की स्थिति में है।यहाँ विपणन समिति उमरियापान के द्वारा खरीदी की जा रही है। केंद्र में 16हजार क्विंटल की खरीदी हो चुकी है। अब तक बिल्कुल भी परिवहन नहीं हुआ है, जिससे कि केंद्र में उपज का अंबार लगा हैं। उमरियापान विपणन केंद्र में भी
खुले में रखी उपज भीग हैं। हल्का मौसम खुला तो पन्नी और त्रिपाल से उपज को ढंका। उमरियापान के कुदवारी में बने खरीदी केंद्र में भी खुले में धान का अंबार लगा है।ज्यादातर उपज पानी मे भीग गई है।यहाँ 27 हजार क्विंटल की खरीदी में 3 हजार क्विंटल का परिवहन हुआ। सिलौंडी केंद्र में भी 25 हजार क्विंटल की खरीदी में 12सौ क्विंटल का परिवहन हुआ। कचनारी धान खरीदी केंद्र में 25 हजार क्विंटल में 5 हजार क्विंटल का परिवहन हुआ।अब भी इन केंद्रों पर 20-20 हजार क्विंटल की उपज खुले में रखी है। बारिश होने से उपज भीगकर खराब होगी। जिससे किसानों को ज्यादा नुकसान होगा। दशरमन खरीदी केंद्र की बात करें तो यहाँ 30 हजार क्विंटल
की खरीदी में 7 हजार का परिवहन हो पाया। 23 हजार क्विंटल उपज अब भी रखी है। ढीमरखेड़ा केंद्र में 31 हजार से से 12 हजार क्विंटल का परिवहन हुआ है। पोंडी कला बी खरीदी केंद्र 32 हजार क्विंटल की खरीदी में सिर्फ 5 हजार क्विंटल का परिवहन हुआ।इन केंद्रों में भी उपज के बड़े बड़े ढ़ेर लगे हैं।यही हाल कछारगांव बड़ा,झिंना पिपरिया, देवरी मंगेला, टोला,खमतरा और कटरिया का है।
इन सभी केन्द्रों में उपज का अंबार लगा है। बेमौसम बारिश के कारण उपज भीग गई है।उपज का परिवहन नही होना बड़ा कारण है।किसानों को ज्यादा नुकसान पहुंचा है। फिर भी उपज को बचाने के लिए खरीदी केंद्र प्रभारी और किसान भाई अपनी उपज को बचाने के लिए पन्नी त्रिपाल
की व्यवस्था कर उपज को ढ़कने के प्रयास में जुटे रहे। लेकिन बारिश के कारण किसानों की उपज के अलावा केंद्र प्रभारी द्वारा खरीदी गई धान भी खुले में होने के कारण भीग गई।जिससे नुकसान पहुंचा है।
रिपोर्टर राजेंद्र कुमार चौरसिया धीमरखेडा कटनी


