रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। नर्मदापुरम मुख्यालय स्थित ऑफिसर्स क्लब में छोटी-छोटी क्रिएटिव गतिविधियां, एक्टिविटी की जाए, उक्त निर्देश शुक्रवार को नर्मदापुरम संभाग कमिशनर के जी तिवारी ने ऑफीसर्स क्लब की व्यवस्था के संबंध में आयोजित बैठक में दिए। बैठक में पुलिस महानिरीक्षक मिथिलेश कुमार शुक्ला, वन संरक्षक श्री अशोक कुमार, अपर आयुक्त श्री आरपी सिंह, कलेक्टर सोनिया मीना, पुलिस अधीक्षक डॉक्टर गुरु करण सिंह, अपर कलेक्टर श्री डी के सिंह, उपायुक्त राजस्व श्री गणेश जायसवाल एवं ऑफिसर्स क्लब के शासकीय एवं अशासकीय सदस्य डी.एस. दांगी, राकेश फौजदार, एडवोकेट श्री चौहान उपस्थित थे। सिटी मजिस्ट्रेट बृजेंद्र रावत ने बताया कि वर्ष 1911 में ऑफीसर्स क्लब यूरोपीय ऑफीसर्स क्लब के नाम से जाना जाता था। 1974 में ऑफिसर्स क्लब का रजिस्ट्रेशन हुआ एवं इसका नाम ऑफिसर क्लब हुआ। 2014 में तत्कालीन कलेक्टर ने एक प्रस्ताव लाकर नर्मदापुरम संभाग कमिशनर को अध्यक्ष एवं पुलिस महानिरीक्षक को उपाध्यक्ष तथा कलेक्टर को सचिव के पद पर नियुक्त किया। बताया गया कि अन्य डिप्टी कलेक्टर्स को सामाजिक कार्य, सांस्कृतिक कार्य, खेलकूद, वित्त लेखा समिति का प्रभाव दिया गया था। उस दौरान सदस्यता शुल्क ₹500 रूपये थी। कमिशनर श्री तिवारी ने कहा कि ऑफिसर्स क्लब के संचालन में पूर्व में जो व्यवस्था थी वह अब भी रहे। सभी शासकीय एवं अशासकीय सदस्य इसके जनरल बॉडी में रहे। कमिशनर ने निर्देश दिए कि हर 15 दिन में ऑफीसर्स क्लब की एक बैठक आयोजित कर विभिन्न गतिविधियों की कार्य योजना बनाई जाए। बताया कि गया कि ऑफिसर्स क्लब में नए अधिकारियों के आगमन पर उनका वेलकम एवं स्थानांतरण पर विदाई समारोह आयोजित किए जाते थे। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि ऑफिसर क्लब 50 हजार 575 वर्ग फीट में फैला हुआ है।


