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कटनी – जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 हेतु समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन नीति अनुसार उपार्जन का कार्य 2 दिसंबर 2024 से प्रारंभ होकर 20 जनवरी 2025 तक किया जायेगा। उपार्जन नीति अनुसार धान का समर्थन मूल्य 2300 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। उपार्जन नीति के प्रावधानों के परिपेक्ष्य में जिला उपार्जन समिति के द्वारा लिये गये निर्णय अनुसार कलेक्टर श्री दिलीप कुमार यादव द्वारा जिले की विभिन्न तहसीलों के लिए अभी 75 उपार्जन केन्द्र निर्धारित किये है।
*तहसीलवार उपार्जन केंद्र*
कलेक्टर श्री यादव द्वारा उपार्जन कार्य हेतु जिले में निर्धारित किए गए कुल 75 उपार्जन केंद्रों के अंतर्गत तहसील कटनी नगर अंतर्गत गोदाम स्तरीय उपार्जन केन्द्र कुठला, कन्हवारा, कैलवारा कला और मुड़वारा को तथा तहसील कटनी हेतु पहाडी, सिघनपुरी एवं पिपरोंध शामिल है।
जबकि तहसील ढीमरखेड़ा अंतर्गत समिति स्तर पर चिन्हित 13 उपार्जन केंद्रों में उमरियापान-1, खाम्हा, खमतरा, ढीमरखेड़ा, पोंडीकला, दसरमन, कछारगांव, सिलोंडी, कचनारी, झिन्ना, देवरी मंगेला, टोला, उमरियापान-2 एवं में उपार्जन का कार्य किया जायेगा। इसी तरह तहसील बड़वारा हेतु चिन्हित 9 उपार्जन केंद्रों में समिति स्तर पर उपार्जन केंद्र भजिया, अमाडी, नन्हवारा सेझा, सहित गोदाम स्तर पर उपार्जन केंद्र बड़वाराकला, विलायतकाला-1, बसाड़ी, निगहरा, और लखाखेरा में उपार्जन का कार्य किया जाएगा।
तहसील बरही में उपार्जन कार्य हेतु चिन्हित कुल 3 उपार्जन केंद्रों में गोदाम स्तरीय बरही, पिपरियाकला एवं करौंदीखुर्द को उपार्जन केंद्र बनाया गया है। जबकि तहसील बहोरीबंद में निर्मित उपार्जन कार्य हेतु चिन्हित 16 उपार्जन केन्द्रों में गोदाम स्तर पर बहोरीबंद, कुआं ,बचौया, जुजावल, बरही बाकल, देवरीखरगवां को उपार्जन केन्द्र तथा समिति स्तर पर हथियागढ़, केवलारी, बाकल, सिहुडी, इमलिया, कूडा, चांदनखेडा, पथराडी पिपरिया, सलैया पटौरी, खमतरा, आदि शामिल है।
जबकि तहसील रीठी अंतर्गत शामिल 10 उपार्जन केंद्रों में समिति स्तर पर रीठी, मोहास, गुरजीकला, बकलेहटा तथा गोदाम स्तर पर बिलहरी, बडगांव, तिलगवां, रेपुरा, तथा बडखेरा उपार्जनन केन्द्र शामिल है। इसी तरह तहसील स्लीमनाबाद के 7 उपार्जन केंद्रों में समिति स्तर पडरभटा तथा गोदाम स्तर पर तेवरी, स्लीमनाबाद, भूला, कौंडिया धरवारा एवं धुरी में उपार्जन कार्य किया जायेगा।
इसी तरह विजयराघवगढ़ अंतर्गत चिन्हित 10 उपार्जन केंद्रों में समिति स्तर पर सिनगौडी विजयराघवगढ़, देवराकला, सलैया कोहारी, कारीतलाई तथा बंजारी को एवं गोदाम स्तर पर कांटी, उबरा, जिवारा, अमेहटा को उपार्जन केंद्र निर्धारित किये जाकर आवश्यक दिशा- निर्देश जारी किये गए है।



