कालापीप (बबलू जायसवाल)कालापीपल के वेयरहाउस मालिकों को संघ ने सोयाबीन के भंडारण की पॉलिसी
भंडारण एवं आधिक्य पॉलिसी के संबंध में विधायक घनश्याम चंद्रवंशी एवं शुजालपुर एसडीएम अर्चना सिंह को ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया की शासन द्वारा सोयाबीन भंडारण पॉलिसी बनाई जाए,ज्ञापन में बताया कि वर्तमान में म.प्र.में शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर सोयाबीन उपार्जन होना प्रस्तावित है।चूंकि प्रदेश में भण्डारण हेतु MPWLC नोडल एजेन्सी है,अतःसोयाबीन भण्डारण पॉलिसी एवं लॉस गेन के संबंध में निवेदन है कि,सोयाबीन भी अन्य कमोडिटी की तरह हाईग्रोस्कोपिक प्रकृति की है जिसमें वातावरण में परिवर्तन या नमी में कमी के आधार पर वनज में सूखत/कमी आना स्वाभाविक है।इसके साथ ही सोयाबीन एक दलहनी / तिलहनी फसल है।जिसमें लग-भग 20-22 प्रतिशत तेल पाया जाता है।अर्थात वातावरण का तापमान बढ़ने के साथ ही तेल/नमी वाष्पीकरण के कारण अन्य कमोडिटी की तुलना में अधिक कमी आती है।जो कि सोयाबीन में उपार्जन के समय 15-17 प्रतिशत नमी पाई जाती है, जबकि भुगतान के समय नमी का प्रतिशत 8-10 परिलक्षित होता हैं।वनज में 8-10 किलो नमी प्रति क्विंटल परिलक्षित होने की संभावना रहती है।यहाँ यह उल्लेख करना भी प्रासंगिक होगा कि, निगम द्वारा धान का भी भण्डारण किया जाता है जिसमें 8 से 10 प्रतिशत सूखत परिलक्षित होती है।जबकि शासन से मात्र 2 प्रतिशत सूखत मान्य है।अवगत हो कि,प्रदेश का तिलहन संघ एक व्यावसायिक संस्थान था जिसे सोयाबीन की कमी ने ही डुबो दिया,अतःसमय रहते सोयाबीन के प्रकरण में आने वाली सूखत पर विचार किया जाना निगम हित में होगा ताकि निगम एवं निगम के अधिकारियों/कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित रह सके,निवेदन है कि सोयाबीन भण्डारण के पूर्व सोयाबीन की भण्डारण पॉलिसी एवं लॉस गेन पेरामीटर का निर्धारण ICAR के मानक अनुसार लागू करने का अनुरोध है,ताकि निगम पर भण्डारण हास का अनावश्यक भार नही आए।इस अवसर बाबूलाल सोनी,मनीष पंवार,अंकित अग्रवाल आदि वेयरहाउस मालिकों संघ के सदस्य मौजूद रहे।


