दशहरे के दिन करें ये 5 शक्तिशाली उपाय, धन-लाभ के साथ दरिद्रता से मिलेगी मुक्ति, साढ़ेसाती का प्रभाव भी होगा कम!
यह पर्व असत्य पर सत्य की जीत के तौर पर मनाया जाता है. हिंदू पंचांग के अनुसार, हर वर्ष यह आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है. धार्मिक मान्यता है कि,
इसी दिन भगवान राम ने रावण और माता दुर्गा ने महिषासुर का वध किया था. इस तिथि को विजयादशमी के तौर पर भी मनाया जाता है.
मान्यता है कि दशहरा के शुभ दिन यदि आप कुछ उपाय कर लें तो वर्ष भर उसका प्रभाव आपको शुभ फल दे सकता है. दशहरे पर रोग, धन की कमी, दारिद्रता, कार्य में रुकावट और शनि की साढ़ेसाती व ढैय्या के लिए कुछ उपाय किए जा सकते हैं.
इन उपायों के बारे में ज्योतिर्विद और वास्तु विशेषज्ञ कहना
दशहरे के दिन इन 5 उपायों के लाभ
रोग से मिलेगी मुक्ति:
दशहरे के दिन रोग से मुक्ति पाने के लिए सुंदरकांड का पाठ करें. इसके अलावा,
एक नारियल हाथ में रखकर हनुमान चालीसा का दोहा “नासे रोग हरे सब पीरा, जपत निरंतर हनुमान बीरा” पढ़कर रोगी के सिर के ऊपर से सात बार घुमाएं.
इसके बाद नारियल को रावण दहन में फेंक दें. ऐसा करने से बीमारी से बचाव हो सकता है.
कार्यों में मिलेगी सफलता: कार्य में सफलता या समस्या से छुटकारा पाने के लिए दशहरे के दिन अपराजिता के पौधे की पूजा अवश्य करें.
अपराजिता का फूल बाएं हाथ में ताबीज के रूप में बांध लें. हर कार्य मे सफलता मिलेगी.
धन-लाभ की होगी प्राप्ति: ज्योतिषाचार्य के मुताबिक, व्यापार-कारोबार में उन्नति पाने के लिए दशहरे के दिन पीले वस्त्र में नारियल, मिठाई, जनेऊ किसी ब्राह्मण को दान करें.
इससे मंद पड़े व्यापार में फायदा पहुंचेगा और आर्थिक लाभ पहुंचेगा
शनि की साढ़ेसाती से राहत: यदि आपकी कुंडली में शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या है तो इससे राहत पाने के लिए दशहरे के दिन शमी पेड़ के नीचे तिल तेल का 11 दीपक जलाएं और प्रार्थना करें.
इससे शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के प्रभाव से राहत मिलेगी.
दरिद्रता होगी दूर: कहा जाता है कि, सबसे बड़ा दान गुप्त दान होता है. इसलिए दशहरे के दिन गुप्त तरीके सें किसी ब्राह्मण या किसी असहाय को अन्न, वस्त्र या मूल्य दान करें. इससे दरिद्रता समाप्त हो जाएगी. साथ ही घर से कलह भी खत्म होगा


