कैमोर* उच्चतर माध्यमिक इंग्लिश मीडियम विद्यालय कैमोर में प्रबंधक द्वारा छात्रों पर यूनिफार्म में परिवर्तन का दबाव डाला जा रहा है, जो कि अभिभावकों छात्रों एवं प्रबंधक के बीच गंभीर विवाद का कारण बन गया है। आमतौर पर 5 वर्षों में यूनिफार्म में परिवर्तन का प्रावधान किया जाता है, ढाई वर्ष पहले यूनिफार्म में परिवर्तन किया गया था प्रबंधक ने 1 अक्टूबर से परिवर्तन कर नई यूनिफार्म पहनने का छात्रों पर दबाव बनाया जा रहा है, जबकि अधिकतर छात्रों ने अप्रैल माह में ही सत्र की शुरुआत में नई ड्रेस ले ली थी।
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अभिभावकों का यह भी कहना है कि प्रबंधक द्वारा चिन्हित दुकान से नई यूनिफार्म खरीदने की अनिवार्यता उन्हें और मानसिक तनाव में डाल रही है। उन्होंने आरोप लगाया है कि इस तरह के निर्णय से केवल आर्थिक बोझ ही नहीं, बल्कि छात्रों की पढ़ाई पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। अभिभावकों ने प्रबंधक से मिलकर अपनी चिंताओं को साझा किया, लेकिन प्रबंधक ने उनकी मांगों को नजरअंदाज किया।
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अभिभावकों द्वारा जिला कलेक्टर से मांग की जा रही है ,कि यूनिफार्म में परिवर्तन को नए सत्र से लागू एवं शिक्षा नीति के नियमानुसार किया जाए, ताकि छात्रों को उचित समय मिले और आर्थिक दबाव कम हो। अभिभावकों ने यह भी कहा है कि स्कूल की नीति को छात्रों की भलाई के लिए होना चाहिए, न कि उन पर अतिरिक्त बोझ डालने के लिए।
इस मामले में कई छात्रों ने कहा कि वे पहले से खरीदी गई यूनिफार्म पहनने के लिए तैयार हैं और नए सिरे से खरीदारी नहीं कर सकते। उनका कहना है कि इस निर्णय से उनकी पढ़ाई में विघ्न आ सकता है।
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इस विवाद ने विद्यालय के माहौल को तनावपूर्ण बना दिया है। अभिभावक एवं छात्र जिला कलेक्टर से तत्काल समाधान की उम्मीद कर रहे हैं। शिक्षा का उद्देश्य छात्रों को संपूर्ण विकास के लिए सक्षम बनाना है, लेकिन ऐसे विवादों से यह उद्देश्य कहीं न कहीं प्रभावित होता है।
अभिभावकों तथा छात्रों की समस्याओं का समाधान निकालना होगा, ताकि विद्यालय का माहौल शांतिपूर्ण और सहयोगी बना रहे। यदि जल्द ही इस विवाद का समाधान नहीं निकाला गया, तो यह मामला और आगे बढ़ सकता है और शिक्षा के क्षेत्र में नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
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* *सुरेश सेन की खास रिपोर्ट*


