रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। जैन धर्म के सबसे बड़े पर्व पर्वराज पर्युषण पर्व पर सामाजिक परिवारों द्वारा विशेष धर्म लाभ अर्जित किया जा रहा है। शुक्रवार को पर्व के छठवा दिन श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर मौरक्षली चौक में उत्तम संयम धर्म के साथ ,सुंगध दशमी पर्व,दसलक्षण विधान पूजा हुई। समाज अध्यक्ष संतोष जैन ने बताया कि इस महापर्व पर जैन धर्मावलंबियों सैंकड़ो की संख्या में तप आराधना कर असीम पुण्य का संचय कर रहे हैं।मंदिर जी में भारतवर्ष कल्याण एवं विश्व शांति के लिए विशेष शांति धारा एवं विधान का आयोजन हो रहा है। जिसका अनंत चतुर्दशी पर क्षमा वाणी पर्व के साथ समापन होगा। उत्तम संयम धर्म की पूजा की गई।जैन धर्म में संयम धर्म पालन का महत्व है. संयम धर्म व्यक्ति का व्यक्तित्व और अस्तित्व सुनिश्चित करता है, ऐसा जिनेंद्र देव ने कहा है। मंदिर जी में श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर जयपुर से पधारे पंडित पंकज जैन द्वारा धर्म प्रभावना की गई। दोपहर में नित्य की तरह शिविर लगाया गया।शाम को श्री जी की मंगल आरती भक्ति प्रवचन के उपरांत धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम में धार्मिक अंताक्षरी का आयोजन किया गया । इस अवसर पर जैन समाज द्वारा स्वच्छ भारत स्वच्छ नर्मदापुरम का संकल्प लिया गया। सभी स्वजाति बंधुओ ने प्रतिज्ञा ली कि वे अपने नगर को स्वच्छ बनाने हेतु स्वयं भी प्रयास करेंगे एवं दूसरों को भी प्रेरित करेंगे, जिससे हमारा नगर एवं देश एक विशेष पहचान बना सके। समाज अध्यक्ष संतोष जैन द्वारा सभी का आभार प्रकट किया गया।


