टीएल की समीक्षा में प्राचार्य ने भेज दिया झूठा प्रतिवेदन, आयुक्त के आदेश की भी अवहेलना का आरोप
अतिथि शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़ा करने पीड़ित सुरेंद्र चतुर्वेदी के कथन हुए कलमबद्ध, दस्तावेज भी खंगाले*
कलेक्टर के पास पहुँचेगा प्रतिवेदन
मंगलवार की जनसुनवाई में पहुँचा था मामला, अपर कलेक्टर ने जांच करने दिए निर्देश
कटनी। शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल बरही के प्राभारी संकुल प्राचार्य रामचरित द्विवेदी के ऊपर एक महिला रिश्तेदार को फर्जीवाड़ा कर रात के 2 बजे रविवार को नियुक्ति देने का आरोप लगा है। शिकायत जन सुनवाई में पहुँची थी, जिसे टीएल में शामिल किया गया था। बुधवार को अपर कलेक्टर के निर्देश।पर पूरे मामले की जांच करने जिले की टीम स्कूल पहुँची थी, जहां पीड़ित के कथन कलमबद्ध हुए तो वही दस्तावेज भी एकत्रित किए गए। टीम कलेक्टर को जाँच-प्रतिवेदन सौपेगी, जिसके बाद पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने आएगी की आरोप सही है या बेबुनियाद, जांच टीम आने से स्कूल का पूरा माहौल बिगड़ा हुआ नजर आया। आरोप इसी स्कूल में 12 साल से अध्यापन कार्य कराने वाले अतिथि शिक्षक सुरेंद्र चतुर्वेदी ने कलेक्टर के समक्ष पेश होकर लगाए है, जिसमे कहा गया है कि संकुल प्राचार्य और यहां पदस्थ लिपिक प्रदीप तिवारी ने अपने रिश्तेदार प्रियंका चतुर्वेदी की फर्जी तरीके से नियुक्ति गणित विषय मे कर दी, जबकि आयुक्त का स्पष्ट निर्देश है कि 30 प्रतिशत से कम रिजल्ट लाने वाले अतिथि शिक्षक को नियुक्ति नही करना है। आरोप है कि 22 प्रतिशत से भी कम रिजल्ट आने के बाद भी महिला कैंडिडेट को रातों-रात लाभ दे दिया गया, जबकि पुरुष कैंडिडेट होने के कारण उसे बाहर कर दिया गया। कलेक्टर ने मामले की गम्भीरत को देखते हुए इस मसले को टीएल में रखा था, जिसमे संकुल प्राचार्य ने बीईओ के माध्यम से एक बार फिर टीएल में झूठी जानकारी प्रेषित करा दी, जिससे रूठे पीड़ित सुरेंद्र चतुर्वेद ने फिर मंगलवार को जनसुनवाई में जब दस्तावेजो के साथ अपर कलेक्टर का ध्यानाकर्षण कराया तो इस फर्जीवाड़े की जांच कराने के निर्देश डीईओ को मौके पर ही दिए गए, अब जिला की टीम पूरे फर्जीवाड़ा की जांच करने बरही पहुचेंगी, जिसके बाद ही सही-गलत क्या हूं क्लियर हो सकेगा, लेकिन जिस कदर पीड़ित आरोप लगा रहा है कि बरही के इस सरकारी स्कूल के प्राभारी प्राचार्य आखिर क्या गुल खिला रहे है।
*रिजल्ट में छेड़छाड़*
12 साल से सेवा दे रहे पुरुष अभ्यर्थी को दरकिनार कर महिला रिश्तेदार को लाभ पहुचाने का आरोप लगा रहे पीड़ित का यह साफ कहना है कि रिजल्ट में छेड़छाड़ कर यह कारनामा किया गया है।
*संजय दुबे के साथ यही हुआ था, शिकायत के बाद कराया ज्वॉइन*
आरोप है कि अतिथि शिक्षक संजय दुबे को भी हटाकर अंग्रेजी में एक महिला अभ्यार्थी को रिजल्ट में छेड़छाडकर अतिथि शिक्षक बना दिया गया और संजय को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था। जब संजय ने शिकायत की तब मामले को शांत कराने उसकी ज्वाइनिंग कराई गई। अतिथि शिक्षक संजय दुबे ने भी डीईओ से प्राभारी प्राचार्य रासमचरित द्विवेदी के फर्जीवाड़े की शिकायत की थी, जिसमे रिजल्ट से ही छेड़छाड़ कर महिला कैंडिडेट को अंदर किया गया था और संजय को पुरुष कैंडिडेट होने की वजह से बाहर का रास्ता दिखाया गया था।

सुरेश सेन की खास रिपोर्ट


