रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। कलेक्टर सोनिया मीना की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभाकक्ष में बाढ़ आपदा नियंत्रण के संबंध में बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर कलेक्टर देवेन्द्र कुमार सिंह, मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश देहलवार, मुख्य नगरपालिका अधिकारी हेमेश्वरी पटले,डिप्टी कलेक्टर डॉ बबीता राठौर,सिटी मजिस्ट्रेट असवन राम चिरावान, डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट होमगार्ड राजेश जैन सहित एवं बाढ़ आपदा नियंत्रण से जुड़े विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहें। कलेक्टर ने कहा कि तवा डैम,रायसेन के बारना एवं जबलपुर के बरगी डैम से होने वाले पानी डिस्चार्ज का सीधा प्रभाव सेठानी घाट पर पड़ता है। इन तीनों बांधो से छोड़े जाने वाला पानी विभिन्न अंतरालों में सेठानी घाट पहुंचता हैं। ऐसे में सेठानी घाट का जलस्तर खतरे के नीचे बनाए रखने के लिए तीनो बांधो से पानी डिस्चार्ज को बेहतर ढंग से मेंटेन एवं मॉनिटरिंग की जाए। कलेक्टर ने सीएमओ नगर पालिका नर्मदापुरम को निर्देशित किया कि बाढ़ के दौरान बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए सुरक्षित स्थानों पर शिविर स्थापित करने के लिए स्थानो का चिन्हांकन करे। उन्होंने नगर पालिका को बाढ़ आपदा से निपटने के लिए पूरी तैयारी और आवश्यक संसाधनों की पर्याप्त व्यवस्था करने एवं अपने नगर पालिका कर्मचारियों को ऐक्टिव मूड में रहने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर पालिका सीएमओ को विशेष रूप से कहा कि नाली और नालों की साफ-सफाई निरंतर करते रहें।कलेक्टर ने जिला कमांडेंट होमगार्ड को पर्याप्त नाव की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कमांडेंट होमगार्ड से कहा कि बाढ़ आपदा नियंत्रण एवं त्वरित राहत व बचाव कार्य के लिए समुचित पूर्व तैयारियां सुनिश्चित की जाए। आवश्यक संसाधन व रक्षा सामग्रियों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करें। साथ ही बाढ़ आपदा प्रबंधन के लिए शासन द्वारा जारी दिशा निर्देशों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि मोटर बोट, इमरजेंसी लाइट,जनरेटर आदि सभी उपकरण चालू हालात में रहे।


