कटनी – कलेक्टर श्री दिलीप कुमार यादव ने शनिवार को ढीमरखेड़ा क्षेत्र के बाढ़ राहत शिविरों का औचक निरीक्षण किया और कछार गांव एवं पिपरिया शुक्ल गांव पहुंचकर ग्रामीणों से चाय , नाश्ता और भोजन नियमित मिलने की जानकारी प्राप्त की। उन्होनें ग्रामीणों से कहा कि चल रहे सर्वे के बाद नियमानुसार क्षतिपूर्ति की राशि मुहैया कराई जायेगी। चिंता न करें मुसीबत और आपदा की घड़ी में सरकार और जिला प्रशासन बाढ़ प्रभावितों के साथ है।
इस दौरान जिला पंचायत के सीईओ शिशिर गेमावत, एस़.डी एम विंकी सिंहमारे उईके, सीईओ यजुवेन्द्र कोरी, बीएमओ डॉ बीके प्रसाद, एपीओ डॉ अजीत सिंह, खाद्य सुरक्षा अधिकारी देवकी सोनवानी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और मैदानी अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।
उमरियापान स्थित चौरसिया मंगल भवन और सरस्वती शिशु मंदिर और शासकीय महाविद्यालय ढीमरखेड़ा राहत शिविरों का कलेक्टर श्री दिलीप कुमार यादव ने निरीक्षण किया और राहत शिविरों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर ने यहां राहत शिविरों मे उपलब्ध दवाईयों के स्टॉक एवं वितरण रजिस्टर की भी जांच की और कहा किसी भी हाल में दवाईयों और ओ.आर.एस की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने प्रभावितों को अपने सामने गरमा गरम भोजन परोसवाया।
*हो रहा सर्वे*
ढीमरखेड़ा के बाढ़ प्रभावित कछारगांव और पिपरिया शुक्ल ग्राम में प्रभावितों से चर्चा करते हुए कलेक्टर श्री दिलीप कुमार यादव ने ग्रामीणों से कहा – की चिंता नहीं करें,संकट की इस घड़ी में जिला प्रशासन आप सबकी नियमों और प्रावधानों के तहत हरसंभव मदद करेगा। कलेक्टर श्री यादव ने लोगों से चाय -नाश्ता और भोजन आदि के प्रबंधों के बारे में प्रभावितों से जानकारी ली। उन्होंने कहा घबराये नहीं, नुकसान के सर्वे के उपरांत क्षति का आंकलन कर राहत राशि प्रदान की जायेगी।
*गर्राघाट पुल का निरीक्षण*
कलेक्टर श्री यादव ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के अपने भ्रमण के दौरान बेलकुंड नदी पर बने गर्राघाट पुल से जे सी बी की मदद से मलबा और मिट्टी हटाने के कार्य का भी निरीक्षण किया। कलेक्टर ने इसी प्रकार अन्य मार्गों और पुल – पुलियो सहित तेज बारिश के बहाव से सड़कों के कटाव कार्य की मरम्मत कार्य में जुटने के निर्देश दिए। ताकि समूचे क्षेत्र में सुगम आवाजाही हो सके।
*जल स्त्रोतो का क्लोरीनीकरण*
कलेक्टर ने सभी बाढ़ प्रभावित गांवों के जलस्त्रोतों और हैंडपंपों में क्लोरोनाइजेशन कार्य अभियान स्वरूप में करने के निर्देश दिए। उन्होंने किसी आपात स्थिति के लिए राहत शिविरों में चौबीसों घंटे एंबुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।



