• मुखपृष्ठ
  • नियम एवं शर्ते
  • गोपनीयता
  • खंडन
  • शिकायत/ सुझाव
  • हमारे बारे में
  • संपर्क
No Result
View All Result
Wednesday, September 16, 2026
MP NEWS CAST
NEWSLETTER
  • Home
  • हमारा शहर
  • प्रादेशिक ख़बरें
    • मध्यप्रदेश
      • भोपाल
      • अनुपपुर
      • दमोह
      • कटनी
      • सागर
      • उत्तरप्रदेश
        • अयोध्या
        • आगरा
        • कन्नौज
        • कौशांबी
        • चंदौली
        • चित्रकूट
        • जालौन
        • जौनपुर
      • उत्तराखण्ड
        • नैनीताल
      • गुजरात
        • अहमदाबाद
      • राजस्थान
        • भरतपुर
  • पॉलीटिक्स
  • मनोरंजन
  • लाइफ स्टाइल
  • व्यवसाय
  • स्वास्थ्य
  • Home
  • हमारा शहर
  • प्रादेशिक ख़बरें
    • मध्यप्रदेश
      • भोपाल
      • अनुपपुर
      • दमोह
      • कटनी
      • सागर
      • उत्तरप्रदेश
        • अयोध्या
        • आगरा
        • कन्नौज
        • कौशांबी
        • चंदौली
        • चित्रकूट
        • जालौन
        • जौनपुर
      • उत्तराखण्ड
        • नैनीताल
      • गुजरात
        • अहमदाबाद
      • राजस्थान
        • भरतपुर
  • पॉलीटिक्स
  • मनोरंजन
  • लाइफ स्टाइल
  • व्यवसाय
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
MP NEWS CAST
No Result
View All Result
Home मध्यप्रदेश मुरैना

MP इस मंदिर को कहा जाता है तांत्रिक यूनिवर्सिटी आईऐ देखते

by Manish Gautam Chiefeditor
July 17, 2024
in मुरैना
0
MP इस मंदिर को कहा जाता है तांत्रिक यूनिवर्सिटी आईऐ देखते
0
SHARES
0
VIEWS
FacebookTwitterWhatsappTelegram

चौसठ योगिनी मंदिर भारत के सबसे प्रमुख तांत्रिक स्थलों में से एक माना जाता है. चौसठ योगिनी मंदिर तांत्रिक साधना और योगिनी पूजा का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है. यहां पर साधक तंत्र विद्या की गहन साधना करते थे और योगिनियों की पूजा के माध्यम से आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त करते थे. तंत्र साधना में इस मंदिर का विशेष महत्व माना जाता है. इस मंदिर को तांत्रिक यूनिवर्सिटी के नाम से भी जाना जाता है. अतीत में दूर दूर से लोग यहां तंत्र-मंत्र की शिक्षा ग्रहण करने के आया करते थे.

माना जाता है कि चौसठ योगिनी मंदिर का निर्माण 1323 ई. में हुआ था और इसे राजपूत राजाओं ने बनवाया था. इस मंदिर में 64 कमरे हैं और इन सभी 64 कमरों में भगवान शिव का भव्य शिवलिंग स्थापित है. यह मंदिर गोलाकार संरचना वाला है. इस मंदिर की संरचना संसद भवन से मिलती है. मंदिर के बीच में एक खुला हुआ मंडप है. इस मंडप में भी भगवान शिव का भव्य शिवलिंग स्थापित है. इस मंडप के चारों ओर ही 64 कमरे बनवाए गए हैं. माना जाता है कि यहां प्रत्येक कमरे में शिवलिंग के साथ साथ योगिनी की मूर्ति भी स्थापित थीं. यानी कि यहां 64 शिवलिंग के साथ साथ 64 योगिनी की मूर्ति भी स्थापित थी. इन मूर्तियों में से कुछ मूर्तियां अब चोरी हो चुकी हैं. मान्यता है कि 64 योगिनियों की मूर्तियां तंत्र साधना के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती हैं.

ऐसा माना जाता है कि चौसठ योगिनी मंदिर में विशेष प्रकार की आध्यात्मिक ऊर्जा विद्यमान रहती है. ये आध्यात्मिक ऊर्जा साधकों को ध्यान और साधना में सहायता करती है. यहां के स्थानीय लोगों के अनुसार, यह मंदिर आज भी भगवान शिव की तंत्र साधना कवच से ढका हुआ है. रात के समय इस मंदिर में या इसके आस पास रुकने की इजाजत नहीं है. मान्यता है कि इस मंदिर में भगवान शिव की योगिनियों को जागृत किया जाता था. यहां पर विशेष तांत्रिक अनुष्ठानों के दौरान मंत्रोच्चारण, यंत्र स्थापना, और हवन किए जाते थे. योगिनियों की पूजा विशेष प्रकार के मंत्रों और विधियों के साथ की जाती थी. इन साधनाओं से साधक को अद्भुत शक्तियों की प्राप्ति होती थी.

Manish Gautam Chiefeditor

Manish Gautam Chiefeditor

Next Post
यातायात पुलिस की सराहनीय पहल  सूबेदार सोनम उइके व ट्राफिक कर्मी  ने घायल प्रौढ़ को इलाज के लिए पहुचाया जिला अस्पताल इलाज जारी

यातायात पुलिस की सराहनीय पहल सूबेदार सोनम उइके व ट्राफिक कर्मी ने घायल प्रौढ़ को इलाज के लिए पहुचाया जिला अस्पताल इलाज जारी

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

© 2020 MP News Cast - Director Manish Gautam.

No Result
View All Result
  • About Us
  • Client Portal
  • Complaints and Feedback
  • Contact
  • Home 1
  • Privacy Policy
  • Privacy Policy
  • Rules and Regulations

© 2020 MP News Cast - Director Manish Gautam.