कालापीपल(बबलू जायसवाल):
एक तरफ जहां केंद्र सरकार और राज्य सरकार के द्वारा किसानों के हितों में अनेक योजनाएं चलाई जा रही है। लेकिन कुछ दुकानदार मुनाफाखोरी से बाज नहीं आ रहे हैं। किसानों को एक्सपायरी कीटनाशक दवा देने से भी दुकानदार परहेज नहीं कर रहे हैं। उसके द्वारा दी एक्सपायरी डेट की दवाई का फसलों पर क्या असर होगा ? दुकानदार के जरा से मुनाफे के चक्कर में किसान की मेहनत पर कहीं पानी तो नहीं फिरेगा? इन सब बातों से बेखबर केवल अपना मुनाफा कमाने के लिए धड़ल्ले से एक्सपायरी डेट की दवाई बेची जा रही है ।

ऐसा ही मामला एक प्रकाश में आया है। एक किसान द्वारा भारत मशीनरी से कीटनाशक दवा खरीदी गई थी जो कि दुकानदार द्वारा जानबूझकर एक्सपायरी डेट की दे दी गई थी। जब किसान द्वारा शिकायत की गई तो दुकानदार ने दवा वापस करके बिल फाड़ दिया,पैसे भी वापस कर दिए, जिसकी खबर कालापीपल कृषि विस्तार अधिकारी विष्णु प्रसाद सोलिया को लगी तो उन्होंने अपनी टीम के साथ जाकर भारत मशीनरी दुकान का निरीक्षण किया, तो दुकान पर एक्सपायरी डेट की कीटनाशक दवाइयाँ मिली। दुकानदार से 24 घंटे में जवाब मांगा है। यदि किसान उस दवा को अपनी फसल में डाल देता तो उसका कितना नुकसान होता है। यह तो गनीमत रही कि उसने घर जाकर उस पर एक्सपायरी डेट चेक कर ली नहीं तो बेचारा अन्नदाता फिर परेशानी में खड़ा हो जाता है।
इनका कहना है-:
किसान की शिकायत पर भारत मशीनरी की दुकान पर निरीक्षण किया तो वहां पर एक्सपायरी डेट की कीटनाशक दवाइयां मिलीं ,24 घंटे के अंदर जवाब मांगा नहीं तो अगली कार्रवाई की जाएगी।
कृषि विस्तार अधिकारी विष्णु प्रसाद सोलिया
कालापीपल मंडी


