शासकीय योजनाओं का बेहतर क्रियान्वन करने दिया जा रहा जिले की महिला सरपंचों को विशेष प्रशिक्षण.
विकास कार्यों की जानकारी अनुभव भी किये जा रहे साझा.
गांवों के समग्र विकास की दृष्टि से महिला सरपंचों को सशक्त बनाने महात्मा गांधी राज्य ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज संस्थान जबलपुर में आज बुधवार से जिले की महिला सरपंचों का विशेष प्रशिक्षण प्रारंभ हो गया है । विशेष प्रशिक्षण की शुरुआत जनपद पंचायत जबलपुर और जनपद पंचायत मझौली की महिला सरपंचों से की गई । दो दिनों के इस प्रशिक्षण में जबलपुर जनपद पंचायत की 25 और मझौली जनपद पंचायत की 8 महिला सरपंच शामिल हो रही हैं । जबलपुर और मझौली जनपद पंचायत की महिला सरपंचों के बाद राज्य ग्रामीण विकास संस्थान में ही 5 और 6 जुलाई को जनपद पंचायत पनागर एवं जनपद पंचायत शहपुरा की तथा 8 और 9 जुलाई को जनपद पंचायत सिहोरा, पाटन एवं कुंडम की महिला सरपंचों का प्रशिक्षण आयोजित किया जायेगा।
जिला पंचायत की सीईओ श्रीमती जयति सिंह के प्रयासों से आयोजित किये जा रहे इस प्रशिक्षण में महिला सरपंचों को उनके अधिकारों, कर्त्तव्यों और दायित्वों के साथ-साथ विभिन्न विभागों की शासकीय योजनाओं जानकारी भी दी जा रही है, ताकि उनका बेहतर क्रियान्वयन किया जा सके। इस प्रशिक्षण से महिला सरपंच और अधिक सशक्त होकर ग्राम पंचायतों के विकास में अपने अधिकारों, कर्तव्यों एवं दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगी । साथ ही प्रशिक्षण से उन्हें ग्रामीण विकास के साथ-साथ अन्य विभागों की योजनाओं की अद्यतन जानकारी भी मिल सकेंगी।
जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी मनोज सिंह के मुताबिक जबलपुर जिले में गत पंचायत निर्वाचन में 527 पंचायतों में से 270 ग्राम पंचायतों में महिला सरपंच चुनी गई थीं । जिले में गत पंचायत चुनाव में कुल 36 सरपंच निर्विरोध निर्वाचित हुये, इनमें 24 महिला सरपंच शामिल हैं । गत पंचायत निर्वाचन में जबलपुर जिले की 18 ग्राम पंचायतों में समस्त पंच एवं सरपंच निर्विरोध निर्वाचित हुए थे और इनमें 18 ग्राम पंचायतों में से 9 ग्राम पंचायतों में केवल महिला पंच एवं सरपंच निर्वाचित हुई थीं । जिनमें पाटन जनपद पंचायत की की महगवा सड़क, छीतुरहा एवं अमरपुर शहपुरा की कैथरा, सुनाचर, झलोन एवं दामन खमरिया तथा कुंडम जनपद पंचायत की पड़रिया एवं जुझारी ग्राम पंचायत सम्मिलित है।
जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि निर्विरोध निर्वाचित होने के कारण सभी महिला पंचों-सरपंचों वाली पंचायतों को शासन से विकास कार्य कराने हेतु 15 लाख का पुरस्कार भी मिला है, ताकि निर्विरोध निर्वाचन के प्रति लोग जागरूक हों। महिला सरपंच निर्भीक रूप से अपने कर्तव्यों की निर्वहन कर रही हैं।
कुण्डम जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत पड़रिया की महिला सरपंच सरला बाई एवं बघराजी की महिला सरपंच ने जल गंगा संवर्धन अभियान में उल्लेखनीय भूमिका का निर्वहन करते हुए तालाबों को पुनर्जीवित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसी प्रकार जबलपुर जनपद पंचायत में ग्राम पंचायत परासिया की महिला सरपंच सहित अन्य महिला सरपंच भी ग्रामीण विकास में महती भूमिका निभा रही हैं।
ग्राम पंचायत में हुये विकास कार्यों की जानकारी और अनुभवों को किया साझा :-
प्रशिक्षण में जबलपुर और मझौली जनपद पंचायत की महिला सरपंच उनके कार्यकाल के दौरान हुये उल्लेखनीय कार्यों और अनुभवों को आपस में साझा भी कर रही हैं । बरगी सरपंच मंजू चौकसे ने बताया कि उनकी पंचायत में कचरा वाहन से कचरा उठाने का कार्य किया जा रहा है। स्ट्रीट लाइट भी लगाई गई हैं और पेयजल आपूर्ति व्यवस्था भी सुधारी गई है। मझौली जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत धोनी की सरपंच आरती चंदसोरिया ने अपने कार्यकाल में दो तालाब बनवाये हैं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार करवाया है। जबलपुर जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत आमाहिनोता की सरपंच कंचन पटेल ने पौधारोपण कार्य कराया है। उन्होंने बताया कि वे अपने मानदेय की राशि से गरीब परिवार में बच्ची के जन्म लेने पर 2100 रुपये नगद एवं गरीब व्यक्ति की मृत्यु होने पर 5100 रुपये का योगदान करती हैं । साथ ही गरीब परिवार की बिटिया की शादी में 5100 रुपये का सहयोग करती हैं । मझौली जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत मुड़िया मड़ौद की सरपंच आरती दाहिया ने अपनी उपलब्धि साझा करते हुये बताया कि उन्होंने अपनी ग्राम पंचायत में तालाब निर्माण एवं सामुदायिक भवन का निर्माण कराया है । मझौली जनपद पंचायत की ही रोसरा ग्राम पंचायत की सरपंच सपना दुर्गेश पटेल ने अपनी पंचायत में साफ सफाई, आंगनवाड़ी एवं पेयजल सप्लाई पर विशेष ध्यान दिये जाने की जानकारी दी। मझौली जनपद की टिकुरी ग्राम पंचायत की सरपंच सीता देवी चौकसे ने अपने कार्यकाल में वृद्धा अवस्था पेंशन के समस्त पात्र परिवारों को लाभान्वित करा दिया है । पेयजल आपूर्ति व्यवस्था में भी उन्होंने सुधार किया है।


