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Home मध्यप्रदेश नर्मदापुरम

देश में लागू नए कानून को लेकर थाना कोतवाली में जागरूकता शिविर का हुआ आयोजन,आईजी,एसपी, एसडीओपी सहित एडीपीओ ने नवीन कानून की दी विस्तृत जानकारी..वीडियो

by Manish Gautam Chiefeditor
July 1, 2024
in नर्मदापुरम
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देश में लागू नए कानून को लेकर थाना कोतवाली में जागरूकता शिविर का हुआ आयोजन,आईजी,एसपी, एसडीओपी सहित एडीपीओ ने नवीन कानून की दी विस्तृत जानकारी..वीडियो
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रिपोर्टर सीमा कैथवास

नर्मदापुरम । देशभर में सोमवार से नए तीन नए आपराधिक कानून लागू हो गए हैं जिससे भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली में व्यापक परिवर्तन बदलाव आएगा। भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम अधिनियम मैं सोमवार से अपना स्थान ले लिया है नए कानून से एक आधुनिक न्याय प्रणाली स्थापित होगी जिसमें जीरो फिर पुलिस में ऑनलाइन शिकायत दर्ज करना एसएमएस के जरिए सामान भेजना जैसे इलेक्ट्रॉनिक माध्यम और सभी जगह में अपराधों के वारदात स्थल की अनिवार्य वीडियोग्राफी जैसे प्रावधान शामिल किए गए हैं। देश भर में लागू नए कानून को लेकर पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशानुसार थाना

https://www.mpnewscast.com/wp-content/uploads/2024/07/VID-20240701-WA0060.mp4

कोतवाली नर्मदापुरम् में नवीन कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम की जानकारी आम नागरिक कब पहुंचाने हेतु जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता पुलिस महानिरीक्षक इरशाद वली व पुलिस अधीक्षक गुरुकरण सिंह द्वारा की गई। शिविर में पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस अधीक्षक , अनुविभागीय अधिकारी पुलिस पराग सैनी , थाना प्रभारी कोतवाली सौरभ पांडे, एडीपीओ राजकुमार नेमा तथा एडीपीओ दिनेश यादव द्वारा नवीन कानून के संबंध में विस्तार से चर्चा कर समझाया की नए कानून आमजन के जीवन में किस प्रकार मददगार साबित होंगे तथा अपराधियों को सजा दिलाने में कारगर साबित होंगे। नए कानूनों में महिलाओं और बच्चों के साथ होने वाले अपराधों के लिए सख्त सजा के प्रावधान किए गए हैं। प्रस्तावित भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 में पहला अध्याय अब महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध से संबंधित सजा के प्रावधानों से संंबंधित है। इन प्रावधानों के अनुसार जहां बच्चों से अपराध करवाना व उन्हें आपराधिक कृत्य में शामिल करना दंडनीय अपराध होगा वहीं नाबालिग बच्चों की खरीद – फरोख्त जघन्य अपराधों में शामिल की जाएगी। नाबालिग से गैंगरेप किए जाने पर आजीवन कारावास या मृत्युदंड का प्रावधान है। नए कानूनों के अनुसार पीड़ित का अभिभावक की उपस्थिति में ही बयान दर्ज किया जा सकेगा। इसी प्रकार नए कानूनों में महिला अपराधों के संबंध में अत्यंत सख्ती बरती गई है। इसके तहत महिला से गैंगरेप में 20 साल की सजा और आजीवन कारावास, यौन संबंध के लिए झूठे वादे करना या पहचान छिपाना भी अब अपराध होगा। साथ ही पीड़िता के घर पर महिला अधिकारी की मौजूदगी में ही बयान दर्ज करने का भी प्रावधान है। इस प्रकार नए कानून में महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराध घटित करने वालों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में कड़ी सजा के प्रावधान हैं। अदालतों में पेश और स्वीकार्य साक्ष्य में इलेक्ट्रॉनिक या डिजिटल रिकॉर्ड, ईमेल, सर्वर लॉग, कंप्यूटर, स्मार्टफोन, लैपटॉप, एसएमएस, वेबसाइट, स्थानीय साक्ष्य, मेल, उपकरणों के मैजेस को शामिल किया गया है। केस डायरी, एफआईआर, आरोप पत्र और फैसले सहित सभी रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण किया जाएगा। इलेक्ट्रॉनिक या डिजिटल रिकॉर्ड का कानूनी प्रभाव, वैधता और प्रवर्तनीयता कागजी रिकॉर्ड के समान ही होगी। अब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये भी न्यायालयों में पेशी हो सकेगी। अब 60 दिन के भीतर आरोप तय होंगे और मुकदमा समाप्त होने के 45 दिन में निर्णय देना होगा। वहीं सिविल सेवकों के खिलाफ मामलों में 120 दिन में निर्णय अनिवार्य होगा। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के अंतर्गत मामलों की तय समय में जांच, सुनवाई और बहस पूरी होने के 30 दिन के भीतर फैसला देने का प्रावधान है। इसी प्रकार छोटे और कम गंभीर मामलों के लिए समरी ट्रायल अनिवार्य होगा। नए कानूनों में पहली बार अपराध पर हिरासत अवधि कम रखी जाने व एक तिहाई सजा पूरी करने पर जमानत का प्रावधान है। साथ ही किसी भी शिकायतकर्ता को 90 दिन में जांच रिपोर्ट देना अनिवार्य होगा और गिरफ्तार व्यक्ति की जानकारी भी सार्वजनिक करनी होगी। नए कानूनों से होने वाले लाभ के तहत अब ई-एफआईआर के मामले में फरियादी को तीन दिन के भीतर थाने पहुंचकर एफआईआर की कॉपी पर साइन करने होंगे। नए बदलावों के तहत जीरो एफआईआर को कानूनी तौर पर अनिवार्य कर दिया है। फरियादी को एफआईआर, बयान से जुड़े दस्तावेज भी दिए जाने का प्रावधान किया गया है। फरियादी चाहे तो पुलिस द्वारा आरोपी से हुई पूछताछ के बिंदु भी ले सकता है। यानी वे पेनड्राइव में अपने बयान की कॉपी ले सकेंगे। इस प्रकार नए कानूनों में आमजन को बहुत सारे लाभ प्रदान किए गए हैं।
उक्त शिविर में मीडिया , गणमान्य नागरिक, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि, सामाजिक संस्थाओं के कार्यकर्ता, व्यापारी वर्ग, महिलायें, प्रबुद्ध जन सहित 70-80 लोग सम्मिलित हुए।

Manish Gautam Chiefeditor

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