रिपोर्टर दुर्ग सिंह यादव
बी.एम.सी. डीन डॉ. पी.एस. ठाकुर एवं क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवायें डॉ. ज्योति चौहान की सह अध्यक्षता में आज सागर जिले के अंतर्गत संचालित समस्त निजी नर्सिंग होम की बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें डॉ. सुशीला ठाकुर संयुक्त संचालक, डॉ. ममता तिमोरी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के साथ जिले के समस्त निजी नर्सिंग होम चिकित्सा अधिकारी उपस्थित हुयें।
बैठक में सर्व प्रथम क्षेत्रीय संचालक डॉ. ज्योति चौहान द्वारा सागर संभाग के साथ जिला मुख्यालय में होने बाली मातृ मृत्यु के संबंध में प्रस्तुतीकरण किया गया तथा एमएमआर/आईएमआर के संबंध में चर्चा की गई। बी.एम.सी. डीन डॉ. ठाकुर ने बताया कि जिले में एक वर्ष में अनुमानित 132 मातृ मृत्यु संभावित है किंतु जिले से मात्र 26 मृत्यु ही रिपोर्ट हो रही है। जिले में लगभग 30 से 35 प्रतिशत प्रसव निजी नर्सिंग होम में होते है एवं उनके द्वारा शासन को सूचना उपलब्ध न कराये जाने के कारण जानकारी में इतना अंतर आता हैं। निर्देश दिये गये कि जिले में संचालित समस्त नर्सिंग होम शासन द्वारा निर्धारित प्रपत्र 1 में उनके नर्सिंग होम में होने के वाले समस्त 15 से 49 आयु वर्ग की महिला मृत्यु की जानकारी 24 घंटे भीतर जिला स्वास्थ्य अधिकारी को उपलब्ध करावेगें। यदि वह मृत्यु मातृ मृत्यु प्रकृति की है तो उनकी संस्थागत मातृ मृत्यु समीक्षा करते हुये कारण सहित जानकारी निर्धारत प्रपत्र 4 में उपलब्ध करावें।
क्षेत्रीय संचालक डॉ. ज्योति चौहान ने समस्त उपस्थितो को आई.सी.डी.-10 के मापदंडानुसार मृत्यु के कारण पता लगाने के संबंध में विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया तथा अनुरोध किया गया कि समस्त नर्सिंग होम हरमाह ममृत मृत्यु समीक्षा आयोजित करते हुये आई.सी.डी.-10 के मापदंडानुसार मृत्यु के कारण भरें तथा जानकारी उपलब्ध करावें जिससे उसमें सुधारात्मक कार्यवाही की जा सकें।


