कलेक्टर दीपक सक्सेना के निर्देशन में श्रम विभाग, विशेष किशोर पुलिस इकाई पुलिस विभाग, जनसाहस के संयुक्त दल ने विभिन्न संस्थानों में बाल श्रम विमुक्ति अभियान चलाया गया। अभियान में गुरु कृपा छोले भटूरे कॉर्नर संस्थान में बाल एवं किशोर श्रमिक कार्यरत पाए जाने पर बाल एवं किशोर श्रम अधिनियम 1996 एवं न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948 के अंतर्गत निरीक्षण किया गया। जिसमें 01 बाल श्रमिक एवं 01 किशोर श्रमिक संस्थान में कार्यरत पाए जाने पर बाल एवं किशोर श्रम अधिनियम 1986 की धारा 3, 3 क एवं 12 न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948 की धारा 18 अंतर्गत प्रकरण बनाया गया। बच्चों को बाल कल्याण समिति के निर्देशानुसार माता-पिता के सुपूर्द किया गया एवं समझाईश दी गई। इस दौरान सहायक श्रम आयुक्त ने कहा कि बाल एवं किशोर श्रमिकों से कार्य कराने पर अधिनियम अंतर्गत नियोजक के विरुद्ध 06 माह की सजा एवं 50 हजार रु. तक के जुर्माने का प्रावधान है ।


