ममता बनर्जी द्वारा जिस प्रकार राजनीतिक तुष्टिकरण के आधार पर 5 लाख से अधिक एससी, एसटी और ओबीसी का आरक्षण काटकर मुस्लिम वर्ग को दिया गया था, उसे माननीय हाईकोर्ट द्वारा वापस लेने एवं एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग को लौटाने का आदेश दिया गया है।
राजनीतिक तुष्टिकरण एवं स्वार्थ के कारण कांग्रेस, टीएमसी, सपा और बाकी विपक्षी दल अतीत में हुए धर्म आधारित भारत विभाजन की मानसिकता पर आगे बढ़ रहे हैं। कोर्ट के निर्णय के बाद इन्हें जनता से माफी मांगनी चाहिए और इस पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।


