• मुखपृष्ठ
  • नियम एवं शर्ते
  • गोपनीयता
  • खंडन
  • शिकायत/ सुझाव
  • हमारे बारे में
  • संपर्क
No Result
View All Result
Friday, June 26, 2026
MP NEWS CAST
NEWSLETTER
  • Home
  • हमारा शहर
  • प्रादेशिक ख़बरें
    • मध्यप्रदेश
      • भोपाल
      • अनुपपुर
      • दमोह
      • कटनी
      • सागर
      • उत्तरप्रदेश
        • अयोध्या
        • आगरा
        • कन्नौज
        • कौशांबी
        • चंदौली
        • चित्रकूट
        • जालौन
        • जौनपुर
      • उत्तराखण्ड
        • नैनीताल
      • गुजरात
        • अहमदाबाद
      • राजस्थान
        • भरतपुर
  • पॉलीटिक्स
  • मनोरंजन
  • लाइफ स्टाइल
  • व्यवसाय
  • स्वास्थ्य
  • Home
  • हमारा शहर
  • प्रादेशिक ख़बरें
    • मध्यप्रदेश
      • भोपाल
      • अनुपपुर
      • दमोह
      • कटनी
      • सागर
      • उत्तरप्रदेश
        • अयोध्या
        • आगरा
        • कन्नौज
        • कौशांबी
        • चंदौली
        • चित्रकूट
        • जालौन
        • जौनपुर
      • उत्तराखण्ड
        • नैनीताल
      • गुजरात
        • अहमदाबाद
      • राजस्थान
        • भरतपुर
  • पॉलीटिक्स
  • मनोरंजन
  • लाइफ स्टाइल
  • व्यवसाय
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
MP NEWS CAST
No Result
View All Result
Home मध्यप्रदेश नर्मदापुरम

कलेक्टर सोनिया मीना ने गूजरवाड़ा एवं डोकरी खेड़ा रेशम प्रक्षेत्र का निरीक्षण  रेशम कार्य में संलग्न लखपति दिदियो से की चर्चा 85 एकड़ के शासकीय उद्यान मटकुली का किया भ्रमण

by Manish Gautam Chiefeditor
May 11, 2024
in नर्मदापुरम
0
कलेक्टर सोनिया मीना ने गूजरवाड़ा एवं डोकरी खेड़ा रेशम प्रक्षेत्र का निरीक्षण  रेशम कार्य में संलग्न लखपति दिदियो से की चर्चा  85 एकड़ के शासकीय उद्यान मटकुली का किया भ्रमण
0
SHARES
0
VIEWS
FacebookTwitterWhatsappTelegram

रिपोर्टर सीमा कैथवास

कलेक्टर सोनिया मीना ने शुक्रवार को रेशम केंद्र प्रक्षेत्र गूजरवाडा एवं डोकरी खेड़ा का भ्रमण किया। रेशम कार्य से आजीविका उपार्जन करने वाली लखपति महिलाओं एवं दीदियो से चर्चा की। वही शासकीय उद्यान मटकुली पहुंचकर उद्यान का भ्रमण कर उद्यान में लगे विभिन्न किस्म के आम, नींबू, अमरूद, कटहल और अन्य पौधों की वैरायटी को देखा।

https://www.mpnewscast.com/wp-content/uploads/2024/05/FbVideo_1715393947852.mp4

कलेक्टर ने सबसे पहले माखननगर के गुजरवाड़ा रेशम प्रक्षेत्र पहुंचकर रेशम पालन कर आजीविका उपार्जन करने वाली महिलाओं से चर्चा की। महिलाओं ने बताया कि एक महिला को एक एकड़ की भूमि पर रेशम के बगीचे उपभोग अधिकार के तहत दिए गए हैं। सभी महिला एक-एक एकड़ में रेशम के कीड़ों का पालन कर एवं रेशम का उत्पादन कर रही है सभी महिलाएं सालाना डेढ़ से 2 लाख रुपए कमा रही है और अपने परिवार का पालन पोषण कर आत्मनिर्भर हो रही है। कलेक्टर को रेशम कार्य में संलग्न लखपति महिलाओं ने बताया कि 2010 से वे यहां पर कार्य कर रही है और हर साल एक एकड़ पर रेशम के कीड़ों का पालन कर आजीविका कमा रही हैं, उन्हें इस कार्य के लिए रेशम विभाग द्वारा प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया है। बताया गया कि रेशम के व्यवसाय से लखपति बनी महिलाओं को औरंगाबाद एवं पुणे के रेशम केंद्र का भी भ्रमण कराया गया है। बताया गया कि रेशम क्षेत्र 60 एकड़ में फैला हुआ है और यहां 40 महिलाएं कार्यरत हैं और इसी से भी अपनी आजीविका चला रही है।

महिलाओं ने बताया कि रेशम के पौधों में गोबर खाद ही डाला जा रहा है। परिवार के सभी लोग रेशम पालन में संलग्न है। महिलाओं ने बताया कि गुजरवाडा में टसर और मलबेरी ककून तैयार किया जाता है। जिला रेशम अधिकारी रविंद्र सिंह ने बताया कि जल्द ही रेशम केंद्र में सोलर प्लांट लगाने प्रस्ताव तैयार गया है। कलेक्टर ने महिलाओं से चर्चा करते हुए कहां की सरकार ने आप सब लोगों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर संभव प्रयास किया है, रेशम प्रक्षेत्र बनाया है। आप सभी की मेहनत से आज जिले के रेशम की देश-विदेश में पहचान है।

बताया गया कि रेशम की बिक्री के लिए मध्य प्रदेश सिल्क फेडरेशन द्वारा मार्केटिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। मध्य प्रदेश सिल्क फेडरेशन स्वयं यहां से रेशम का माल उठाता है। बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज द्वारा सुविधा उपलब्ध कराई गई है। महिलाओं को पौधे, अंडे, बिजली, सिंचाई उपकरण एवं पानी उपलब्ध कराए जाते हैं और रेशम बनाने के बाद उनसे रेशम खरीदा भी जाता है। हर महिला आज यहां आत्मनिर्भर है और अपने परिवार का खर्च स्वयं चलाती हैं। कलेक्टर ने गुजर वाडा के कृमि पालन ग्रह का अवलोकन किया। सर्वाइवल के हिसाब से 50% तक कृमिपालन सफल रहता है। 1 एकड़ में 1 क्विंटल 20 किलो तक का ककून निकलता है। 400 से 463 रुपए किलो के हिसाब से ककून का विक्रय किया जाता है।

कलेक्टर ने तत्पश्चात पिपरिया के डोकरी खेड़ा रेशम केंद्र प्रक्षेत्र का भ्रमण किया। डोगरी खेड़ा में टसर का ककून को संधारित किया जाता है। अगली फसल के अंडे के लिए संधारित किया जाता है। रेशम कृमियों को भंडारित किया जाता है। बारिश में उस ककून से तितली बाहर आती है फिर फीमेल अंडा देती है। बताया गया कि यहां भी महिला श्रमिक उक्त कार्य कर रही है। 8 हेक्टेयर में फैले हुए रेशम प्रक्षेत्र में एक महिला को एक हेक्टेयर के हिसाब से अर्जुन के पौधों वाले भूमि दी गई है। अर्जुन के पौधों पर कीड़ों को चढ़ाया जाता हैऔर इससे रेशम का उत्पादन होता है।

जिला रेशम अधिकारी ने बताया कि जिले में चार तरह के रेशम का उत्पादन हो रहा है। मलबरी रेशम, ईरी रेशम, टसर रेशम और मोगा रेशम जिसे गोल्डन सिल्क कहते हैं। बताया गया कि डोगरी खेड़ा के अलावा पाठई एवं खारी में भी टसर रेशम का उत्पादन किया जा रहा है। कलेक्टर ने कृषकों का FPO बनाने और मटकुली स्थित 20 एकड़ रेशम विभाग की ज़मीन को पुनर्जीवित करने के निर्देश जिला रेशम अधिकारी को दिये।

कलेक्टर ने शासकीय उद्यान मटकुली का भी भ्रमण किया। बताया गया कि शासकीय उद्यान मटकुली मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा शासकीय उद्यान है जो 85 एकड़ में फैला हुआ है। शासकीय उद्यान में 30 से 40 प्रकार की आमों की विभिन्न वैरायटी मौजूद है। साथ ही नींबू एवं अमरूद का भी उत्पादन हो रहा है। बताया गया कि सालाना 1 लाख आम के पौधे यहां की नर्सरी में तैयार किए जाते हैं। मटकुली में उद्यान की विभाग का ट्रेनिंग सेंटर भी है, जहां पर प्रदेश के उद्यान विभाग के कर्मचारी एवं मालियों की ट्रेनिंग साल भर चलाते रहती है। बताया गया कि इस वर्ष 40 लाख में नींबू एवं आम के बगीचों की नीलामी हुई है। यहां पर आम के किस्म किस्म के पौधे तैयार कर रेवेन्यू प्राप्त किया जा रहा है। बताया गया कि बॉम्बे ग्रीन, दशहरी, केसर, चौसर स्थानीय आम पायरी, हापुस, लंगड़ा आम आदि के भी पौधे यहां पर तैयार किया जा रहे हैं। उद्यान में 2200 बड़े आम के पौधे हैं। किसान आम और अमरूद के पौधे यही से क्रय करते हैं।

कलेक्टर ने आम के पौधों की बिक्री के संबंध में जानकारी ली तो बताया गया की इस वर्ष 20 हजार पौधों की बिक्री हुई है। नींबू के 11000 पौधों की बिक्री अभी तक हुई है। बताया गया कि यहां पर फूलों की खेती की ओर ज्यादा रुझान नहीं है, साथ ही डोलरिया में मिर्च एवं सब्जी तथा सिवनी मालवा में गोभी के लिए उन्नत भूमि मौजूद है इसलिए यहां पर इन चीजों की खेती की जाती है। मेडिसिन प्लांट का प्रोडक्शन नहीं है लेकिन टर्मरिक का प्रोडक्शन है।

कलेक्टर ने नर्सरी का निरीक्षण किया और आम के किस्म किस्म के पौधों की वैरायटी का अवलोकन किया। भ्रमण के दौरान जिला रेशम अधिकारी रविंद्र सिंह, सहायक संचालक उद्यान रीता उइके सहित संबंधित अधिकारी गण मौजूद थे।

Share this:

  • Share on Facebook (Opens in new window) Facebook
  • Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp

Like this:

Like Loading…
Manish Gautam Chiefeditor

Manish Gautam Chiefeditor

Next Post
3 लाख 99 हजार क्विंटल से अधिक गेहूं का उपार्जन 20 मई तक होगी गेहूं खरीदी

3 लाख 99 हजार क्विंटल से अधिक गेहूं का उपार्जन 20 मई तक होगी गेहूं खरीदी

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

© 2020 MP News Cast - Director Manish Gautam.

No Result
View All Result
  • About Us
  • Client Portal
  • Complaints and Feedback
  • Contact
  • Home 1
  • Privacy Policy
  • Privacy Policy
  • Rules and Regulations

© 2020 MP News Cast - Director Manish Gautam.

%d