रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम । नर्मदापुरम संभाग क्रिकेट एसोसिएशन की कार्यशैली को लेकर आखिर पिछले काफी समय से चल रहे अंदरूनी आक्रोश का बवाल उस समय फूट पड़ा जब इटारसी के क्रिकेट खिलाड़ियों के साथ चयन प्रक्रिया में किए गए पक्षपात पर एसोसिएशन के सलेक्टर सहित वरिष्ठ खिलाड़ियों ने पत्रकार वार्ता कर गंभीर आरोप लगाए, जिसके बाद से खासा हड़कंप मचा हुआ हैं। नर्मदापुरम संभाग क्रिकेट एसोसिएशन के तत्वाधान में चल रही अंडर 22 क्रिकेट प्रतियोगिता में इटारसी के खिलाड़ियों के साथ पक्षपात करने सहित बाहरी खिलाड़ियों को टीम में खिलाने का मामला सामने आया है। चयन प्रक्रिया में हो रहे पक्षपात पर एसोसिएशन के सिलेक्टर राजीव दुबे, वरिष्ठ क्रिकेटर राकेश पांडे, अमित जायसवाल, सलेक्टर
उत्तम खाड़े ने इटारसी में पत्रकार वार्ता कर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि संभाग क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा अंडर 22 क्रिकेट स्पर्धा में इटारसी के खिलाड़ियों के साथ पक्षपात करते हुए बिना ट्रायल के ही खिलाड़ियों का चयन कर लिया गया और जिले के खिलाड़ियों को जानकारी नहीं मिल सकी जबकि बैतूल हरदा में चयन प्रक्रिया पूरी की गई थी। नर्मदापुरम में एमपीसीए की ट्रायल में हर ऐज ग्रुप में बाहर के खिलाड़ियों को खिलाया जा रहा है, इटारसी के खिलाड़ियों का शोषण हो रहा है।ऐसे में यहां के खिलाड़ी कैसे आगे बढ़ेंगे ? एनडीसीए सलेक्टर राजीव दुबे ने
आरोप लगाया कि होशंगाबाद एनडीसीए हर ऐज ग्रुप टीम में 4 से 6 बाहर के खिलाड़ियों को खिलाता है ऐसे में संभाग के खिलाड़ियों को कैसे मौका मिलेगा ? अभी हाल ही में ग्वालियर खेलने गई लड़कियों की सीनियर ग्रुप टीम में छह बाहर की लड़कियों को शामिल किया गया था। एमपीसीए के पैसे का दुरुपयोग भी हो रहा है। दूसरी तरफ नर्मदापुरम संभाग क्रिकेट एसोसिएशन के मानसेवी सचिव अनुराग मिश्रा ने बताया कि जिला क्रिकेट संघ के सचिव मनोज बिल्थरिया ने बाकायदा अक्टूबर माह में चयन प्रक्रिया की सूचना और मीडिया में खबरें प्रकाशित कराई थी। ग्रुप में भी जानकारी दी थी। पक्षपात के लगाए गए आरोप निराधार हैं जो लोग आरोप लगा रहे हैं उनके बच्चे भी इस प्रक्रिया में शामिल हुए। दो बच्चों का चयन भी किया गया,इसके बावजूद यह लोग किसी व्यक्तिगत एजेंडे के तहत बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। वही एमपीसीए के निर्देश अनुसार टीम में तीन अतिथि बाहरी खिलाड़ियों को शामिल किया जा सकता है।


