कटनी कृषि उपज मंडी में एक सप्ताह से बोली बंद रहनें तथा प्राईवेट चना की बिक्री के कारण कृषकों को नुकसान होनें संबंधी शिकायत को संज्ञान में लेकर कलेक्टर अवि प्रसाद द्वारा कृषि उपज मंडी समिति के सचिव को उक्त शिकायत की जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया।
कलेक्टर श्री प्रसाद के निर्देश पर सचिव, कृषि उपज मंडी द्वारा उक्त शिकायत के संबंध में प्रतिवेदित किया कि कृषि उपज मंडी में कृषकों को घोष नीलामी में प्रतिस्पर्धात्मक बोली पर अपनी उपज विक्रय करने अथवा फार्मगेट ऐप पर उपज की नीलामी हेतु बिड लगाने की सुविधा उपलब्ध है। विगत शनिवार 6 अप्रैल को एन.सी.डी.एक्स. पर चना का भाव टूटने (कम) होने के कारण लेवाली कमजोर रही है। असमय वर्षा के कारण, ओलावृष्टि एवं हारवेस्टिंग से कटाई के कारण चने में मिटटी की मात्रा तय मानक से अधिक होने से नान एफ.ए.क्यू. गुणवत्ता के चना की व्यापारियों द्वारा बाजार भाव टूटने से कम कीमत लगाई गई।
जिसपर किसानों द्वारा विक्रय करने पर मना कर दिया गया। जो कि मात्र एक दिन ही ऐसा हुआ है।
फार्मगेट ऐप पर कृषकों को मिला अच्छा भाव
सचिव ने प्रतिवेदित किया कि विगत 6 अप्रैल को एन.सी.डी.एक्स. पर चना की लेवाली कमजोर होने के कारण घोष नीलामी के भाव में मंदी रही है। जबकि इसी दिन फार्मगेट ऐप के माध्यम से जो सौदा हुए उसमें कृषकों को 5500 रूपये से 5600 रूपये प्रति क्विंटल तक भाव प्राप्त हुए। लेवाली कमजोर होने के कारण मंडी के अनुज्ञप्तिधारी दाल मिलर्स व्यापारियों द्वारा घोष नीलामी में भाग लेकर चना की 5735 रूपये से 5860 रूपये के भाव पर खरीदी की गई।
कृषकों को दिया गया विकल्प
प्रतिवेदन में बताया गया कि नान एफ.ए.क्यू, चना की गुणवत्ता खराब होने से नीलामी भाव पर 10 से 12 कृषकों का मंडी घोष नीलामी में चना विकय नहीं हो सका। जिन्हें फार्मगेट ऐप के माध्यम से बिडिंग कराने अथवा मण्डी प्रांगण में चने को भण्डारित करने एवं दूसरे दिन विक्रय करने का विकल्प दिया गया किन्तु आगामी दिन रविवार शासकीय अवकाश के कारण मण्डी प्रांगण बंद होने से कृषक अपना चना वापिस ले गये।
कृषकों को दिया गया विकल्प
प्रतिवेदन में बताया गया कि नान एफ.ए.क्यू, चना की गुणवत्ता खराब होने से नीलामी भाव पर 10 से 12 कृषकों का मंडी घोष नीलामी में चना विकय नहीं हो सका। जिन्हें फार्मगेट ऐप के माध्यम से बिडिंग कराने अथवा मण्डी प्रांगण में चने को भण्डारित करने एवं दूसरे दिन विक्रय करने का विकल्प दिया गया किन्तु आगामी दिन रविवार शासकीय अवकाश के कारण मण्डी प्रांगण बंद होने से कृषक अपना चना वापिस ले गये।
लगभग 6400 क्विंटल चनें की हुई नीलामी
कृषि उपज मंडी में विगत 8 अप्रैल को एन.सी.डी.एक्स. पर चना के भाव में तेजी होने के कारण मण्डी घोष नीलामी में 6393 क्विंटल चने की नीलामी रूपया 5760 से 5811 के भाव पर हुई है। मंडी प्रांगण में खुली घोष नीलामी के द्वारा प्रतिस्पर्धा द्वारा व्यापारियों द्वारा खरीदी की जाती है। जिसमें कृषकों को प्रतिस्पर्धात्मक नीलामी बोली पर अपनी उपज विक्रय करने अथवा नहीं करने की स्वतंत्रता रहती है।
उपज रखने की सुविधा मंडी मे उपलब्ध
सचिव ने बताया कि उपज के बाजार भाव कमजोर होने के कारण यदि कोई कृषक अपनी उपज विक्रय नहीं करना चाहता है तो उसे मंडी प्रांगण में उपज भण्डारित रखने की सुविधा उपलब्ध है, वह आगामी दिवसों में भाव में वृद्धि होने पर अपनी उपज विक्रय कर सकता है। डिस्ट्रेस सेल की कतई स्थिति मण्डी प्रांगण में नहीं है। चने के मूल्य को लेकर किसी भी किसान से कोई शिकायत मण्डी प्रशासन को प्राप्त नहीं हुई है। साथ ही शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर भी चना की खरीदी करने की सुविधा कृषकों को दी गई है।


