कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी अवि प्रसाद ने मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम के तहत दो आदतन अपराधियों के विरूद्ध जिला बदर की कार्यवाही करते हुए दोनों आदतन अपराधियों को 6 माह की अवधि के लिए जिले की राजस्व सीमा से निष्कासित करने का आदेश पारित किया है। कलेक्टर श्री प्रसाद ने दोनों अपराधियों के विरूद्ध जिला बदर की कार्यवाही पुलिस अधीक्षक से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर किया है।
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री प्रसाद द्वारा जिन व्यक्तियों के विरूद्ध जिला बदर की कार्यवाही की गई है उनमें बरही थाना क्षेत्रांतर्गत लुरमी निवासी विपिन सिंह पिता लवकुश प्रताप सिंह बघेल उम्र 35 वर्ष के विरूद्ध 2010 से 2023 तक कुल 9 आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध हुए है जो विभिन्न न्यायालयों में प्रचलित है। इनमें जनमानस के साथ गाली- गलौच करने मारपीट कर घायल करने, जान से मारने की धमकी देना, महिलाओं के साथ छेड़छाड़ करनें जैसे अपराध पंजीबद्ध है। विपिन
अपने साथियों के साथ आपराधिक गतिविधियों में लिप्त होकर सार्वजनिक सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था को प्रतिकूल रूप से प्रभावित कये हुए है जो समाज एवं कानून के लिए चिंता का विषय है। इस स्थिति और लोकसभा निर्वाचन कार्य प्रभावित होने की संभावना के मद्देनजर कलेक्टर श्री प्रसाद ने विपिन को 6 माह की अवधि के लिए कटनी जिले की राजस्व सीमाओं तथा समीपवर्ती जबलपुर, मैहर, दमोह, पन्ना एवं उमरिया की राजस्व सीमाओं से निष्कासित किया है।
इसी प्रकार एक अन्य आदेश में कलेक्टर श्री प्रसाद ने रंगनाथ थाना नगर लखेरा निवासी निशांत मिश्रा उर्फ प्रियांशु उर्फ सरकार पिता प्रेम कुमार मिश्रा उम्र 20 वर्ष के विरूद्ध थाना रंगनाथ नगर और थाना माधवनगर में वर्ष 2022 से अक्टूबर 2023 तक 9 आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध है। जिसमें मुख्य रूप से आमजन के साथ अवैध वसूली करना, झूठी गवाही के लिए लोगों को धमकाना, लूट करना, मरपीट करना, जान से मारने की धमकी देना, अवैध शराब कब्जे मे रखना
जैसे अपराध शामिल है। इन स्थितियों को मद्देनजर एवं लोकसभा निर्वाचन कार्य प्रभावित होने की संभावना के मद्देनजर कलेक्टर श्री प्रसाद ने निशांत मिश्रा को 6 माह की अवधि के लिए कटनी जिले की राजस्व सीमाओं और समीपवर्ती जबलपुर, मैहर, दमोह, पन्ना एवं उमरिया की राजस्व सीमाओं से बाहर जाने का आदेश पारित किया है।
दोनो आदतन अपराधियों को न्यायालय में नियत पेशी पर उपस्थित होने की अनुमति रहेगी। लेकिन इसकी लिखित सूचना संबंधित थाना प्रभारी को लिखित में देनी होगी तथा पेशी होने के तुरंत पश्चात इस न्यायालय के आदेश का पालन किया जाना अनिवार्य होगा।


