शहर के मुख्य मार्गो में करोड़ों की लागत से सड़क के किनारे पर लगाए गए दिशा सूचक बोर्ड अधिकारियों की अनदेखी के कारण क्षतिग्रस्त हो गए हैं उन पर लगे संकेत सूचक भी गुम हो गए हैं जिससे वाहन चालक भ्रमित हो रहे हैं वहीं झाड़ियां से ढक जाने के कारण
इन बोर्ड का लगे होने का औचित्य समझ नहीं आता। जहां दिशा सूचक बोर्ड लोगों की परेशानी दूर करते हैं वही यह बोर्ड अब लोगों की परेशानी बन गए हैं। जहां सौन्दर्यकरण के लिए खर्च करोड़ों रुपए मिट्टी में मिलते नज़र आ रहे है इसका साफ नमूना इमलीखेड़ा चौक पर देखा जा सकता है जहां आने जाने वाले यात्रियों की जान पर लटके यह धार दार बोर्ड बड़ी दुर्घटना को न्यौता दे रहे हैं तो वहिं सुंदरता के लिए लागए गए रैलिंग हफ़्तों से टूटे पड़े है लेकिन जिम्मेदार बेसुध नज़र आ रहे हैं।
*संवाददाता शुभम सहारे छिंदवाड़ा*


