रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। संभाग के पुलिस महानिरीक्षक इरशाद वली एवं पुलिस कप्तान डाॅ गुरकरन सिंह के दिशा निर्देशन मे एवं एएसपी आशुतोष मिश्र के मार्गदर्शन मे व पिपरिया एसडीओपी कल्याणी वरकडे सोहागपुर एसडीओपी संजू चौहान के कुशल नेतृत्व में गठित पुलिस टीमों ने विगत दिनो वनखेडी मे हुए चर्चित स्कूल संचालक चंदन पटवा हत्याकांड के आरोपियों को गिरफ्तार करने मे सफलता प्राप्त की है। तत्सबंध मे पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरकरन सिंह ने आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 2020 में हुई आपसी रंजिश को लेकर यह घटना हुई है। बताया गया कि घटना दिनांक 20/ 02 /2024 के एक दिन पूर्व 19 फरवरी 2024 को ग्राम बम्होरी के ढाबा पर शेवेन्द्र तिवारी, कार्तिक रघुवंशी, श्रीकान्त रघुवंशी, आकाश मिश्रा एवं राजेश दुबे द्वारा चंदन पटवा को जान से मारने के संबंध में योजना बनाई थी। एवं घटना होने के बाद सुपियार शिल्पी, कार्तिक व श्रीकान्त को 20,000 रुपये देने व घटना घटित करने के लिये माउजर शेवेन्द्र द्वारा स्वंय उपलब्ध कराने का बोला गया था।
वाईट
दिनाँक 20.02.2024 को आरोपी कार्तिक रघुवंशी व श्रीकान्त रघुवंशी अपनी प्लेटिना मोटर साइकिल से ग्राम सिमरिया थाना सिलवानी से घटना को अंजाम देने के उद्देश्य से निकले थे। रास्ते में ग्राम सांईखेडा के सोजनी मोड पर साथी रामजी नरगड़िया को लेकर ग्राम चांदौन पहुंचे। सुपियार शिल्पी निवासी कीरतपुर जिला रायसेन से अपनी स्कूटी में बैठकर चादौन पहुंचा। जहाँ पर हत्या की घटना को अंजाम देने हेतु पहले से ही शेवेन्द्र उर्फ पप्पू तिवारी उपस्थित मिला व श्रीकांत की मोटर साइकिल एवं सुपियार शिल्पी की स्कूटी को खड़ी कराकर अपनी बलेनो कार में बिठा लिया। घटना के पूर्व शाम लगभग 05.30 बजे आरोपी शेवेन्द्र तिवारी की नीले रंग की बलेनो कार में बैठकर आरोपीयों द्वारा पटवा के निर्माणाधीन पेट्रोल पंप से 200 मी. दूर गाड़ी खड़ी कर घटना का अंतिम प्रारुप तैयार किया। समय शाम 06 बजे के लगभग शेवेन्द्र तिवारी द्वारा मृतक चंदन पटवा को जान से मारने के लिए आरोपी कार्तिक रघुवंशी को एक माउजर कारतूस सहित दिये व एक माउजर कारतूस सहित अपने पास रखे। आरोपीगण शेवेन्द्र तिवारी की नीले रंग की बलेनो कार जिसे आरोपी श्रीकान्त रघुवंशी चला रहा था से घटना को अंजाम देने के लिए मृतक चंदन पटवा के निर्माणाधीन पेट्रोल पंप पहुंचे जहां पर चंदन पटवा को देखकर गाडी उसके पास ले जाकर गाडी खड़ी कर चालक आरोपी श्रीकांत के बगल वाली सीट पर बैठे आरोपी कार्तिक ने उतरकर चंदन पटवा के ऊपर जान से मारने की नियत से माउजर से 01 राउंड फायर किया गया। जिससे चंदन पटवा व आसपास के लोग हडबडा कर इधर उधर भागने लगे तब ड्रायवर सीट के पीछे बैठे शेवेन्द्र तिवारी द्वारा गाड़ी से उतरकर चंदव पटवा के ऊपर माउजर से 02 राउंड फायर किये जो चंदन पटवा को लगे। घटना देखकर निर्माणाधीन पेट्रोल पंप पर उपस्थित कर्मचारियों ने गाड़ी पर पत्थर फेके जिससे आरोपी द्वारा बलेनो कार में बैठकर बनखेड़ी तरफ भाग गये। चंदन पटवा को पेट में दाहिने तरफ गोली लग गई, घायल होने से चंदन पटवा का ड्रायवर अफसर खान व अन्य लोग इलाज के लिये बनखेड़ी ले गये
।जहाँ से घायल चंदन पटवा को नर्मदापुरम् रेफर कर दिया गया।जहा से नर्मदापुरम् ले जाते समय रास्ते में ही चंदन पटवा की मृत्यु हो गई।बताया गया कि आरोपियों ने पूछताछ के दौरान बताया कि घटना के बाद वह लोग कपूरी रोड़ होते हुए झिकोली उदयपुरा होते हुए ग्राम वर्धा (शेवेन्द्र तिवारी के साडू) आरोपी राजेश दुबे के घर पर सभी रुके व आरोपी दुबे को आरोपियों ने चंदन पटवा को गोली मारने की घटना से अवगत कराया। राजेश दुबे ने शेवेन्द्र तिवारी के लड़के सत्यम तिवारी को पूर्व से ही अपने घर बुला लिया था। सत्यम तिवारी ने पिता शेवेन्द्र तिवारी से कहा की घटना में गाड़ी पर पत्थर लगने के कारण गाड़ी का कांच टूट गया है, जिसके कारण अपन पकड़ा सकते हैं जिसे सुधरवा लेते हैं। तब राजेश दुबे, शेवेन्द्र तिवारी ने आकाश मिश्रा को फोन कर घटना के संबंध में जानकारी दी जिसके बाद सत्यम तिवारी, आकाश मिश्रा को गाड़ी सुधरवाने ले गया। शेवेन्द्र तिवारी व राजेश दुबे ने आरोपी सुपियार शिल्पी, कार्तिक रघुवंशी व श्रीकांत रघुवंशी को पैसे देकर कुछ दिन अपने घर से बाहर रहकर फरारी काटने को कहा, आरोपी कार्तिक व श्रीकांत घटना दिनाँक की दर्मियानी रात को शेवेन्द्र तिवारी के साथ राजेश दुबे के घर में रुके।सुपियार शिल्पी व रामजी नरगडिया रात में ही पैसे लेकर फरार हो गये थे। दिनांक 21.02.24 से सभी आरोपी घटना को अंजाम देने के बाद फरार चल रहे थे। जिन्हें पुलिस की गठित टीमों द्वारा जिला भोपाल, रायसेन,कटनी, नर्मदापुरम्, नरसिंहपुर जाकर तलाश कर आरोपियों को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया। आरोपी चालक श्रीकांत रघुवंशी, कार्तिक रघुवंशी, शेवेन्द्र तिवारी उर्फ पप्पू महाराज, रामजी नरगडिया एवं सुपियार शिल्पी द्वारा जुर्म स्वीकार करने से धारा 302,34 भादवि 25/27 आर्म्स एक्ट का इजाफा किया गया। एवं आरोपी आकाश मिश्रा निवासी कीरतपुर, राजेश दुबे निवासी वर्धा एवं शेवेन्द्र तिवारी के बड़े पुत्र सत्यम तिवारी को आपराधिक षणयंत्र की धारा 120 बी भादवि एवं साक्ष्य छुपाने हेतु धारा 201 भादवि के आरोपी पाये गये। प्रकरण के सभी आरोपीयों को पुलिस द्वारा दिनाँक 26.02.24 को गिरफ्तार किया गया है। इस हत्याकांड का पर्दा फाश करने वाली पुलिस टीम को पुलिस महानिरीक्षक इरशाद वली जोन नर्मदापुरम् द्वारा 30,000 रुपये इनाम से पुरुस्कृत करने हेतु घोषणा की गई है। घटना में प्रयुक्त नीले रंग की बलेनो कार क्र. MP 04 ZB 3562 (शेवेन्द्र तिवारी के लड़के सत्यम तिवारी के नाम पर)।काले रंग की बजाज कंपनी की प्लेटिना मोटर साइकिल सफेद कलर की हीरो कंपनी की एक्टीवा गाडी क्र. MP05MP3862 , 02 माउजर 04 कारतूस जप्त किये।
आरोपियों के विरुद्ध धारा –
307, 302, 120बी, 201, 34 भादवि 25/27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।मामले मे शेवेन्द्र उर्फ पप्पू तिवारी उम्रन साल निवासी ग्राम चादौन थाना बनखेड़ी, कार्तिक पिता हितकिशोर रघुवंशी उम्र 21 साल निवासी ग्राम सिमरिया थाना सिलवानी जिला रायसेन, श्रीकान्त पिता मदन सिंह रघुवंशी उम्र 23 साल निवासी ग्राम चौका थाना सिलवानी जिला रायसेन, रामजी पिता महेश नरगड़िया उम्र 20 साल निवासी सांईखेडा थाना सिलवानी जिला रायसेन, सुपियार शिल्पी पिता धन सिंह उम्र 34 साल निवासी कीरतपुर थाना सिलवानी जिला रायसेन, राजेश दुबे उर्फ गुड्डू दुबे उम्र 48 साल निवासी वर्धा थाना सिलवानी जिला रायसेन ,आकाश मिश्रा पिता विजय कुमार उम्र 27 साल निवासी कीरतपुर थाना सिलवानी जिला रायसेन, सत्यम पिता शेवेन्द्र तिवारी उम्र साल निवासी ग्राम चांदौन थाना बनखेड़ी जिला नर्मदापुरम् को गिरफ्तार किया गया है।
उक्त कारवाई मे निरीक्षक सुधाकर बारस्कर,गिरीश त्रिपाठी, उप निरीक्षक उपनिरीक्षक आकाशदीप पचाया, उपनिरीक्षक सहादत अली ,उप निरीक्षक परसराम मालवीय, उप निरीक्षक विवेक यादव, उपनिरीक्षक संजीव पवार,उपनिरीक्षक खुमान सिंह पटैल ,सहायक उप निरीक्षक रेवाराम गौर, सहायक उपनिरीक्षक रामगोपाल बाथरे, प्रधान आरक्षक चालक हरि ओम रजक,आरक्षक पप्पू रघुवंशी, आकाश रघुवंशी, देवेन्द्र जाट, शुभम दुबे,संदीप,अभिषेक पटेल, महेन्द्र, कीरत रघुवंशी, नंदकिशोर, शशिकांत,अमर जूदेव सहित सायबर टीम से आर. अभिषेक, संदीप आदि का सराहनीय योगदान रहा है।


