रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम । जिले में जापानी इन्सैफेलाइटिस यानि कि जापानी बुखार से बचाव के लिये जिले में 27 फरवरी मंगलवार से जेई टीकाकरण प्रारंभ हो रहा है । सीएमएचओ डाॅ दिनेश देहलवार ने बताया कि जिले की 193 आॅगनवाड़ी केन्द्रों एवं जिला चिकित्सालय, सिविल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रो सहित पीएचसी,यूपीएचसी में 01 से 15 वर्ष की आयु वर्ग के लगभग 11214 बच्चों को जेई बीमारी से बचाव के जीवैक के टीके लगाये जायेंगे । डाॅ दिनेश देहलवार ने बताया कि अधिकांशतः एक से 15 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों में जापानी बीमारी होने की संभावना सबसे अधिक होने के कारण जिले में जापानी टीकाकरण 27 फरवरी से प्रारंभ किया जा रहा है। प्रदेश में सागर, भोपाल एवं इन्दौर जिले के साथ नर्मदापुरम जिले में भी पहली बार जेई का टीका लगाया जा रहा है। यह बीमारी क्यूलेस मच्छर के काटने से फिलेवियरस वायरस के कारण होती हैं। संक्रमण से सिरदर्द या बे्रन टिशू की सूजन जैसी न्यूरोलाॅजिकल समस्यायें हो सकती हैं । अन्य लक्षणेां में तेज बुखार, सिरदर्द , गले में अकड़न, कपकपी , झटके आना प्रमुख है। बीमारी बढ़ने पर लकवे या कोमा में जाने की भी स्थिति बन जाती है, जिसका बचाव घर के आस पास की साफ सफाई एवं जेई टीकाकरण प्रमुख है । सीएमएचओ ने बताया कि आॅगनवाड़ी केन्द्रों में प्रथम चरण होने के बाद जिले के समस्त शासकीय एवं निजी चिकित्सालयों में जेई टीकाकरण कार्य किया जायेगा।


