एक विभाग ऐसा भी है जो 15 अगस्त व 26 जनवरी को ही ध्वजारोहण के लिए खोला जाता है ।
बाकी के दिनों में कर्मचारी अपनी मर्जी अनुसार समय गुजरने के लिए ही आते हैं ।
जी हा हम बात कर रहे हैं जल संसाधन विभाग की, जो कटनी जिले की रीठी जनपद पंचायत के बगल में ही बना हुआ है । कुछ लोगों को, तो इस विभाग के विषय में जानकारी ही नहीं है । यह सिर्फ 15 अगस्त व 26 जनवरी पर झंडावंदन के लिए ही खुलता है। इससे पहले यहां की साफ-सफाई करा दी जाती है। इसके बाद सालभर इस दफ्तर पर ताला लगा रहता है। यहां एसडीओ बैठते हैं न इंजीिनयर। फील्ड में जाने का बहाना बनाकर अधिकारी सारे काम घर या जिला कार्यालय से बैठकर कागजी खानापूर्ति निपटा रहे हैं।
तहसील के कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी जल संसाधन उपसंभाग को केवल शोरूम बनाकर रख दिया गया है । जबकि क्षेत्र में कई डैम हैं। इनके संरक्षण की जिम्मेदारी विभागीय अधिकारियों की है। लेकिन अधिकांश डैम की स्थिति खराब है। विभागीय अधिकारी फील्ड पर जाने की बात कहते हैं लेकिन वास्तविकता यह है कि वह फील्ड पर जाने की बजाए सारे काम या तो घर या फिर जिला कार्यालय से निपटा रहे हैं। खास बात है कि, विकासखंड के लिए बने जल संसाधन विभाग के इस कार्यालय मैं चार सब इंजीनियर और एक एसडीओ की पदस्थापना कर रखी है। इनके अलावा 24 से26 योजनाओं मैं उतने हो चौकीदार होना चाहिए । चार अमीन जिसमे एक ही अमीन है ।
सुपरवाइजर, समयपाल और एक भृत्य की भी तैनाती है । लेकिन यहां कोई नजर नहीं आता।
पूर्व में तो यह दफ्तर कभी-कभार खुल जाता था । लेकिन अब यह सिर्फ शोरूम बनकर रह गया है। हालांकि ऐसा करने का कोई विभागीय आदेश नहीं है। कागजों में यह कार्यालय दर्शाया जा रहा है। इसके लिए खर्च भी शासन से वसूला जा रहा है। यहां एसडीओ और सब इंजीनियर आते ही नहीं। अब सिंचाई में किसानों के साथ हो रही समस्या को सुनने वाला यहां कोई नजर नहीं आता है । अब देखना यह है कि उच्च अधिकारी इस विषय पर संज्ञान लेते हैं या नहीं या फिर किसानों को यूं ही भटकना पड़ेगा ।
बाइट ,,,किसान
कदीर खान
हरिशंकर बेन


