सँवादाता -महेन्द्र शर्मा बन्टी
डोंगरगढ़ – ग्राम पुरैना में लोधी परिवार के विष्णु लोधी/ पिता सीपर राम लोधी, मुख्य यजमान ईश्वर लोधी, अधिवक्ता कमल लोधी, नारद लोधी के यहां चल रही संगीतमय श्री राम कथा के दूसरे दिन कथा व्यास जगत गुरु स्वामी आत्मानंद सरस्वती जी महराज ने शिव चरित्र का सुन्दर वर्णन किया। गुरुदेव ने मां पार्वती के जन्म, कामदेव के भस्म होने और भगवान शिव द्वारा विवाह के लिए सहमत होने की कथा सुनाई। गुरुदेव ने कहा कि नारद को जैसे ही पता लगा कि राजा हिमांचल के घर पार्वती का जन्म हुआ है, तो वह राजा के पास पहुंच गए। नारद ने जगत जननी को प्रणाम किया। इसके बाद राजा को बता दिया था कि पार्वती तपस्या करें तो भगवान शंकर प्राप्त हो सकते हैं। राजा चाहते थे कि बेटी के जीवन में कोई कष्ट नहीं आए, सो वह बेटी की उम्र का वास्ता देकर नारद को मनाने लगे। गुरुदेव ने शिव और पार्वती के विवाह से जुड़े सभी प्रसंग सुनाए। शिवजी के गण श्रृंगार करने में लग गए। जटाओं का मुकुट बनाकर उसे पर सांपों का मौर सजाया गया। शिवजी ने सांपों का ही कुंडल व कंगन पहने, शरीर व विभूति रमाई और वस्त्र की जगह बाघ का खाल लपेटकर बारात लेकर पहुंचे जिसे देख लोग आश्चर्यचकित हो गए। शिवजी को इस रूप में देखने के लिए अनेक देवी देवता पहुंचे थे। शिव बारात में बारातियों का चयन कर लिया गया सभी का नाम आ गया। लेकिन शिवगण श्रृंगी, भृगी, भूत प्रेत सोचने लगे कि उनका तो बारात में जाना संभव नहीं है। शिवजी उनके प्रेम भाव को समझ गए और बोले, जगत में जितने भूत पिशाच आदि हैं सभी को निमंत्रण है, बारात में सब चलेंगे। कथा के दूसरे दिन कथा सुनने राजनांदगांव सांसद संतोष पांडे, पूर्व विधायक राम जी भारतीय, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष भरत वर्मा पहुंचे और गुरुदेव से आशीर्वाद लिया। कथा सुनने बड़ी संख्या में श्रद्धालु जन उपस्थित रहे। आरती के बाद भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया।


