• मुखपृष्ठ
  • नियम एवं शर्ते
  • गोपनीयता
  • खंडन
  • शिकायत/ सुझाव
  • हमारे बारे में
  • संपर्क
No Result
View All Result
Friday, October 23, 2026
MP NEWS CAST
NEWSLETTER
  • Home
  • हमारा शहर
  • प्रादेशिक ख़बरें
    • मध्यप्रदेश
      • भोपाल
      • अनुपपुर
      • दमोह
      • कटनी
      • सागर
      • उत्तरप्रदेश
        • अयोध्या
        • आगरा
        • कन्नौज
        • कौशांबी
        • चंदौली
        • चित्रकूट
        • जालौन
        • जौनपुर
      • उत्तराखण्ड
        • नैनीताल
      • गुजरात
        • अहमदाबाद
      • राजस्थान
        • भरतपुर
  • पॉलीटिक्स
  • मनोरंजन
  • लाइफ स्टाइल
  • व्यवसाय
  • स्वास्थ्य
  • Home
  • हमारा शहर
  • प्रादेशिक ख़बरें
    • मध्यप्रदेश
      • भोपाल
      • अनुपपुर
      • दमोह
      • कटनी
      • सागर
      • उत्तरप्रदेश
        • अयोध्या
        • आगरा
        • कन्नौज
        • कौशांबी
        • चंदौली
        • चित्रकूट
        • जालौन
        • जौनपुर
      • उत्तराखण्ड
        • नैनीताल
      • गुजरात
        • अहमदाबाद
      • राजस्थान
        • भरतपुर
  • पॉलीटिक्स
  • मनोरंजन
  • लाइफ स्टाइल
  • व्यवसाय
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
MP NEWS CAST
No Result
View All Result
Home मध्यप्रदेश भोपाल

*हिट एण्ड रन नवीन कानूनी प्रावधान के संबंध में हड़ताल को समाप्त करने के लिये बैठक हुई*

by Manish Gautam Chiefeditor
January 2, 2024
in भोपाल
0
0
SHARES
0
VIEWS
FacebookTwitterWhatsappTelegram

कटनी।माननीय उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश द्वारा दिये गये निर्देश के अनुक्रम में हिट एण्ड रन के संबंध में नवीन कानूनी प्रावधान के विरोध में की जा रही हड़ताल को समाप्त करने के लिये ट्रक एवं स्कूल बस यूनियन ऑपरेटर्स के साथ भोपाल में अपर मुख्य सचिव गृह, सचिव परिवहन एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक हुई।

अपर मुख्य सचिव गृह डॉ. राजेश राजौरा ने बताया कि बैठक में प्रस्तावित नवीन कानूनों के संबंध में यूनियन के प्रतिनिधियों को आवश्यक जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि धारा 106 (2) भारतीय न्याय संहिता में जुर्माने की राशि को विशिष्ठ रूप से वर्णित नहीं किया गया है, 7 लाख या 10 लाख संबंधी जुर्माने की राशि के प्रावधान का प्रचार भ्रामक होकर असत्य है। उन्होंने बताया कि यदि वाहन चालक एक्सिडेंट में हुई मृत्यु के विषय में समय पर पुलिस को सूचना दे देता है तो उस स्थिति में नये कानून में भी जमानती धारा का प्रावधान है।

अपर मुख्य सचिव गृह डॉ. राजौरा ने बताया कि प्रस्तावित भारतीय न्याय संहित की धारा 106(2) में केवल उसी स्थिति में 10 वर्ष की अधिकतम सजा का वर्णन है तथा कोई न्यूनतम सजा परिभाषित नहीं की गई है, जबकि कोई मोटरयान चालक किसी सड़क दुर्घटना में व्यक्ति की मृत्यु हो जाने के बाद बिना पुलिस या मजिस्ट्रेट को सूचना दिया मौके से फरार हो जाता है। यदि किसी व्यक्ति से दुर्घटना हो जाती और वह इस संबंध में पुलिस या मजिस्ट्रेट को सूचना दे देता है तब धारा 106(2) के भारतीय न्याय संहिता के प्रावधान उस पर लागू नहीं होते है। यह भी स्पष्ट किया गया है कि कानून में उल्लेखित दण्ड माननीय न्यायालय द्वारा पूरी विधिक प्रक्रिया के पालन के पश्चात निर्धारित किया जाता है।

अपर मुख्य सचिव गृह डॉ. राजौरा एवं अन्य अधिकारियों द्वारा विभिन्न ट्रक, स्कूल एवं बस ऑपरेटर यूनियन के प्रतिनिधियों को प्रावधानों से अवगत कराकर स्थितियाँ स्पष्ट करते हुए सेवाएँ यथावत जारी रखने के लिये सहयोग करने और हड़ताल समाप्त करने का आहवान किया गया।

*मुख्य बिंदु*

👉हिट एवं रन के संबंध में नवीन कानूनी प्रावधान के विरोध में की जा रही हडताल के संबंध में माननीय उच्च न्यायालय म.प्र. के दिनांक 02.01.2024 को प्रदत्त आदेश के अनुक्रम में, अपर मुख्य सचिव गृह, सचिव परिवहन, अपर परिवहन आयुक्त के साथ विभिन्न ट्रक, स्कूल, बस ऑपरेटर यूनियन आदि की हडताल समाप्त किये जाने हेतु बैठक आयोजित की गई। उक्त बैठक में प्रस्तावित नवीन कानून के संबंध में संबंधित यूनियनों को आवश्यक जानकारी दी गई।

👉प्रस्तावित भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 के भाग 2 में केवल उसी स्थिति में 10 वर्ष की अधिकतम सजा के प्रावधान का वर्णन है तथा कोई न्यूनतम सजा परिभाषित नहीं की गई है। जबकि कोई मोटरयान चालक किसी सड़क दुर्घटना में व्यक्ति की मृत्यु कारित हो जाने के बाद बिना पुलिस या मजिस्ट्रेट को सूचना दिये मौके से भाग जाता है। यदि किसी व्यक्ति से एक्सीडेंट हो जाता है और वह इस संबंध में पुलिस या मजिस्ट्रेट को सूचना दे देता है तब धारा 106 (2) भारतीय न्याय संहिता के प्रावधान उस पर लागू नहीं होते। यह भी स्पष्ट किया गया कि कानून में उल्लेखित दण्ड माननीय न्यायालय द्वारा पूरी विधिक प्रकिया के पालन के पश्चात निर्धारित किया जाता है।

👉 धारा 106 (2) भारतीय न्याय संहिता में जुर्माने की राशि को विशिष्ट रूप से वर्णित नहीं किया गया है। 7 लाख या 10 लाख संबंधी जुर्माने की राशि के प्रावधान का प्रचार भ्रामक होकर असत्य है।

👉. यदि वाहन चालक एक्सीडेंट में हुई मृत्यु के विषय में समय पर पुलिस को सूचना दे देता है तो उस स्थिति में नये कानून में भी जमानती धारा का प्रावधान है।

👉 विभिन्न ट्रक, स्कूल, बस ऑपरेटर यूनियन के प्रतिनिधिगणो को उक्त स्थितियां स्पष्ट करते हुए सेवाएं यथावत जारी रखने हेतु सहयोग करने तथा हडताल समाप्त करने का आव्हान किया गया।

Manish Gautam Chiefeditor

Manish Gautam Chiefeditor

Next Post

आमजनों को अपनी समस्याओं को लेकर परेशान न होना पड़े : कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना जनसमस्याओं का तत्परतापूर्वक निराकरण करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

© 2020 MP News Cast - Director Manish Gautam.

No Result
View All Result
  • About Us
  • Client Portal
  • Complaints and Feedback
  • Contact
  • Home 1
  • Privacy Policy
  • Privacy Policy
  • Rules and Regulations

© 2020 MP News Cast - Director Manish Gautam.