राज्य शासन द्वारा दिये गये निर्देशों के परिपालन में कलेक्टर श्री मनोज पुष्प की अध्यक्षता में आज कलेक्टर कार्यालय के मिनी संवाद कक्ष में धार्मिक स्थलों व अन्य स्थानों में ध्वनि विस्तारक यंत्रों व नियम विरूध्द प्रयोग कर नियंत्रण के संबंध में समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री विनायक वर्मा, अतिरिक्त कलेक्टर श्री के.सी.बोपचे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अवधेश प्रताप सिंह, एसडीएम श्री सुधीर कुमार जैन, आयुक्त नगरपालिक निगम श्री राहुल सिंह राजपूत, परियोजना अधिकारी जिला शहरी विकास अभिकरण श्री आर.एस.बाथम, जिला अभियोजन अधिकारी श्री समीर पाठक, म.प्र.प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, खाद्य एवं औषधि सुरक्षा प्रशासन, पुलिस और अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में कलेक्टर श्री पुष्प ने निर्देश दिये कि सर्वोच्च न्यायालय और म.प्र.उच्च न्यायालय खंडपीठ जबलपुर द्वारा पारित आदेश एवं ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम 2000 के अंतर्गत उड़नदस्ता दलों का गठन कर धार्मिक स्थलों के धर्मगुरूओं से संवाद व समन्वय के आधार पर अवैध लाउड स्पीकरों को हटाने की कार्यवाही करें। धार्मिक स्थलों और अन्य स्थानों में ध्वनि विस्तारक यंत्रों जैसे लाउडस्पीकर, डी.जे., माईक आदि के अनियंत्रित और नियम विरूध्द प्रयोग पर कड़ी कार्यवाही करें। उड़नदस्ता दल में तहसीलदार, थाना प्रभारी और म.प्र.प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी शामिल रहेंगे। उन्होंने निर्देश दिये कि वर्तमान में कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं के दृष्टिगत कोलाहल नियंत्रण की दृष्टि से म.प्र. कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 के प्रावधानों के अंतर्गत दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक आदेश भी जारी करें । उन्होंने निर्देश दिये कि पहले संबंधित व्यक्तियों को समझाईश दें और इसके बाद भी यदि निर्धारित डेसिबल से अधिक तीव्रता से ध्वनि विस्तारक यंत्रों से कोलाहल होता है तो संबंधित के विरूध्द कार्यवाही करें।


