रिपोर्टर मुकेश चतुरवेदी
विदिशा।(गंजबासौदा) माननीय न्यायालय श्रीमती नीलम मिश्रा द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीष/विषेष न्यायाधीष (पाॅक्सो) तहसील-गंजबासौदा, जिला-विदिषा ने आज अपने निर्णय दिनांक 14.12.2023 में नाबालिग के साथ गलत कृत्य करने वाले अभियुक्त को 3/4(2) पाॅक्सो अधिनियम में 20 वर्ष कठोर कारावास की सजा एवं 10,000 रूपए अर्थदंड से दंडित किया गया। उक्त प्रकरण में पैरवी सहायक जिला अभियोजन अधिकारी/एसपीओ दिनेष कुमार असैया द्वारा की गई।
अभियोजन का मामला यह है कि, अभियोक्त्री द्वारा अपने पिता के साथ थाना में उपस्थित होकर एक लेखीय आवेदन पेष किया तथा बताया कि दिनांक 18.03.2022 के रात कीब 11ः00 बजे की बात है कि मेरे मौसाजी का स्वर्गवास होने से मौसी के घर पर सभी रिष्तेदार होली का पानी डालने के लिए आ रहे थे। मैं टायलेट करके अकेले आ रही थी, तभी आरोपी ने मेरा पीछे से हाथ पकड लिया और मेरा मंुह बंद कर मुझे पिसी के खेत में ले गया और वहीं पर मेरे साथ गलत कृत्य किया और बोला कि ये बात किसी को बताई तो मैं तुझे जान से खत्म कर दूंगा और फिर आरोपी वहां से भाग गया। फिर मौसी का लडका मुझे ढूढते हुए घर ले गया और घर जाकर मैंने सारी बात पिता को बताई। जिस पर से नटेरन थाना में अप0 क्र0 65/22 अन्तर्गत धारा 376, 506 भादवि एवं पाॅक्सो अधिनियम में आरोपी के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध हुआ।
न्यायालय में विचारण उपरांत पीड़िता व साक्षीगणों के कथन कराए गए एवं उपलब्ध साक्ष्य तथा एडीपीओ दिनेष असैया के तर्क से सहमत होकर, अभियुक्त को दोषसिद्ध पाते हुए लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 3/4(2) पाॅक्सो अधिनियम में 20 वर्ष कठोर कारावास की सजा एवं कुल 10,000 रूपए अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। साथ ही पीडिता को 04 लाख रूपए की प्रतिकर की राषि भी दिए जाने के निर्देष दिए गए है।
(सुश्री गार्गी झा)
मीडिया सेल प्रभारी
जिला विदिषा


