रिपोर्टर मुकेश चतुर्वेदी
विदिशा। माननीय विषेष न्यायाधीष (अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम) विदिषा के न्यायालय द्वारा मारपीट कर हत्या करने वाले आरोपीगण 1. सीताराम कुषवाह, 2. निरंजन सिंह कुषवाह व 3. सुषीला बाई कुषवाह निवासीगण ग्राम घोंसुआ ताल थाना अंतर्गत पथरिया को धारा 302 भादवि सहपठित अधिनियम धारा 3(2)ट के अंतर्गत आजीवन कारावास एवं दो-दो हजार रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। उक्त प्रकरण में पैरवी जिला लोक अभियोजन अधिकारी/विषेष लोक अभियोजक एससी/एसटी एक्ट जे.एस. तोमर तथा साकेत गोयल सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी द्वारा की गई।
जिला लोक अभियोजन अधिकारी विदिशा जे.एस. तोमर द्वारा घटना के बारे में बताया गया कि फरियादी अजमेरा द्वारा थाना पथरिया को इस आषय का लिखित आवेदन दिया गया कि दिनांक 10.05.2020 को शाम 08.30 बजे फरियादी अजमेरा गांव के दुकान पर बल्ब लेने गया था। जब वापिस आया तो उसने देखा कि हनुमान मंदिर के पास आरोपीगण हाथों, डंडा, लाठी व फरसा से उसके छोटे भाई बादल से मारपीट कर रहे थे एवं अष्लील गालियां दे रहे थे। फरियादी डर के कारण उसे बचाने नहीं गया नहीं तो वे लोग उससे भी मारपीट करते। फिर वह घर आकर अपने भाई करतार को लेकर अपने भाई बादल को बचाने झोरे में गया तो बादल वहां पर नहीं था। फिर उसे पता चला कि उसका भाई कमलेष मालवीय के मकान के सामने रोड पर पड़ा है जिसे आरोपीगण मारपीट कर झोरे से कमलेष की दुकान के सामने रोड पर छोड़कर चले गये। बादल को सिरोंज अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां इलाज के दौरा उसकी मृत्यु हो गयी। आरोपीगण से पुरानी रंजिष के चलते उनके द्वारा बादल की हत्या की गई थी। जिस पर थाना पथरिया द्वारा प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया। प्रकरण में विवेचना तत्कालीन थाना प्रभारी बी.डी. सिंह एवं एसडीओपी प्रषांत सिंह सुमन द्वारा की गई। विवेचना उपरांत अभियोग पत्र पुलिस द्वारा न्यायालय में पेष किया गया।
जहां माननीय विशेष न्यायालय एससी/एसटी एक्ट द्वारा आरोपीगण को उपरोक्तानुसार विचारण के उपरांत दंडित किया गया एवं साक्षियों को समय-समय पर समंस जारी कर साक्षियों की समय पर उपस्थिति सुनिष्चित कराने में कोर्ट मोहर्रिर/आरक्षक रमाकांत शुक्ला का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
(सुश्री गार्गी झा)
मीडिया सेल प्रभारी
जिला विदिषा


