मध्यप्रदेश में एक बार फिर भाजपा सरकार काबिज हुई है*
,इस बार भाजपा के दो दांव ने कांग्रेस को पूरे प्रदेश में चित कर दिया है ,पहला लाडली बहना योजना जिसमे एक तरफा महिला वोट भाजपा के लिए संजीवनी साबित हुई तो दूसरा 4 केंद्रीय मंत्री समेत सांसदों को विधानसभा चुनाव में लड़वाना यह दो दांव ने भाजपा को प्रदेश में एकतरफा जीत का हकदार बना दिया, लेकिन यह दोनो दांव का खेल कमलनाथ के गढ़ यानी छिंदवाड़ा में नही चल पाया जिले में 7 विधानसभा में पहले के कांग्रेस के विधायक को पुनः टिकट मिली सभी कांग्रेस प्रत्याशी ने जीत दर्ज कर भाजपा का मैनेजमेंट पूरी तरह नाकाम कर दिया। हालाकि चुनाव के ठीक पहले सीएम शिवराज ने छिंदवाड़ा से पांढुर्ना को अलग कर जिला घोषित कर दिया था ,यहाँ भाजपा ने जज से इस्तीफा देकर भाजपा जॉइन करने वाले प्रकाश भाऊ उइके को भाजपा प्रत्याशी बनाया था । लेकिन जिला बनने का फायदा सिर्फ उन्हें पांढुर्ना शहर से मिला आदिवासियों के बीच मे एक बार फिर नीलेश उइके ही उनके पसंद साबित हुए। दर्जनों केन्दीय मंत्री अमित शाह ,यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ जैसे दिग्गजों ने छिंदवाड़ा में अपनी ताकत झोंक दी थी लेकिन भाजपा का पूरा मैनजमेंट पूरी तरह फैल हो गया। भाजपा का सबसे बड़ा दांव लाडली बहना योजना ने प्रदेश में पुनः भाजपा की सरकार बनवा दी हो । लेकिन जिले में दो महिला प्रत्याशी के ऊपर दांव भी फेल हो गया और न ही लाडली बहना योजना का फायदा भाजपा को मिला ।अभी भी भाजपा कमलनाथ के गढ़ को भेदने में फेल साबित हुई है । छिंदवाड़ा भारत का एक इकलौता जिला ऐसा है जहां भाजपा मुक्त जिला नजर आता है । दरअसल जिले में सांसद ,सातों विधायक ,महापौर नगर निगम ,जनपद अध्यक्ष सभी कांग्रेस के पास काबिज है । अब देखना होगा कि लोकसभा चुनाव में भाजपा क्या छिंदवाड़ा का तिलिस्म तोड़ पाएगी या एक बार फिर नाकाम साबित होगी।कांग्रेस के सातों प्रत्याशी की बंपर जीत जिले में 7 विधानसभा है जिसमे पांढुर्ना जिला बनने 2 विधानसभा वहां पर है लेकिन वर्तमान में 7 विधानसभा के संचालन छिंदवाड़ा से ही हुआ है । छिंदवाड़ा विधानसभा से खुद पूर्व सीएम कमलनाथ ने जीत दर्ज की है परासिया विधानसभा सोहन वाल्मीकि, चौरई से सुजीत चौधरी, अमरवाड़ा से कमलेश प्रताप शाह ,सौसर से विजय चौरे, पांढुर्ना से नीलेश उइके , जुन्नारदेव से सुनील उइके,सभी कांग्रेस प्रत्याशी जीत दर्ज की है ।
*संवाददाता शुभम सहारे छिंदवाड़ा*


