कटनी (29 नवंबर ) – राष्ट्रीय न्यास अधिनियम के अंतर्गत गठित स्थानीय स्तर समिति एल.एल.सी की बैठक बुधवार को कलेक्टर अवि प्रसाद की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में 6 मानसिक निःशक्तजनों को लीगल गार्जियनशिप प्रदान की गई।
स्वापरायणता, प्रमस्तिष्की घात, मानसिक मंदता और बहुविकलांगता ग्रस्त व्यक्तियों के कल्यांण के लिये राष्ट्रीय न्यास अधिनियम 1999 भारत सरकार द्वारा लीगल गार्जियनशिप का प्रावधान लागू किया गया है। अधिनियम में वर्णित प्रावधानों में स्थानीय स्तर समिति का गठन एवं समिति द्वारा स्वपरायणता, प्रमस्तिष्की घात, मानसिक मंदता और बहुविकलांगता ग्रस्ति व्यक्तियों का वैधानिक संरक्षक नियुक्तं किया जाना महत्वपूर्ण है। विगत 7 वर्षाे से इस समिति की बैठक न होने से किसी को भी लीगल गार्जियनशिप नहीं दी जा सकी थी। कलेक्टर अवि प्रसाद के प्रयासों से बुधवार को लोकल लेवल कमेटी की बैठक का आयोजन किया जाकर वैधानिक संरक्षकता प्राप्त किये जाने हेतु प्रस्तुत 07 आवेदन समिति के समक्ष रखे गये। जिसमें से 06 पात्र पाये गए निःशक्तों को को मौके पर ही राष्ट्रीय न्यास अधिनियम 1999 की धारा 14 अंतर्गत वैधानिक संरक्षकता का प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है।
मिला प्रमाण पत्र
स्थानीय स्तर समिति के अध्यक्ष एवं जिला कलेक्टर श्री अवि प्रसाद के द्वारा श्री सौरभ नामदेव, निवासी पुरानी बस्ती कटनी की वैधानिक संरक्षकता बहन सुश्री कीर्ति नामदेव को, कुमारी सोनम बाई सेन निवासी ग्राम जोबीकला की वैधानिक संरक्षकता माँ राधा बाई को, गंगा नायडू निवासी कैमोर की वैधानिक संरक्षकता बहन पार्वती नायडू को, जितेन्द्र प्यासी निवासी खलवारा की वैधानिक संरक्षकता पिता श्री राजेन्द्र प्यासी को, श्री कृष्ण कुमार निवासी ग्राम घुघरा की वैधानिक संरक्षकता पिता श्री रवि प्रसाद को एवं श्री विनोद कुमार साहू निवासी गांधीगंज वार्ड कटनी की वैधानिक संरक्षकता भांजे श्री आशीष साहू को प्रदान की गई।
संरक्षण एवं प्रबंधन होगा सुचारू
दिव्यांग की वैधानिक संरक्षकता प्रदान कर दिए जाने पर अब संरक्षक के रूप में नियुक्त व्यक्ति अधिनियम की धारा 15 अनुसार दिव्यांगता वाले व्यक्ति और उसकी संपत्ति की, जहाँ अपेक्षित है, देखरेख करेगा या दिव्यांगता वाले व्यक्ति के भरणपोषण के लिए उत्तरदायी होगा। विदित हो कि शासन द्वारा दिव्यांग व्यक्तियों को प्रतिमाह पेंशन के रूप में 600 रूपये प्रदाय किये जाते हैं एवं आर्थिक सहायता के रूप में 600 रूपये अतिरिक्त अर्थात कुल 1200 रूपये प्रतिमाह प्रदान किये जाते हैं, साथ ही भारत सरकार की एडिप योजना अंतर्गत दिव्यांगता की प्रकृति अनुसार सहायक उपकरण एवं कृत्रिम अंगों का वितरण भी किया जाता है। स्थानीय स्तर समिति के द्वारा संरक्षक नियुक्त कर दिए जाने पर अब इनकी चल-अचल संपत्ति का व्यवस्थापन, संरक्षण एवं प्रबंधन भी सुचारू रूप से हो सकेगा व शासन द्वारा चलाई जा रही सभी योजनाओं से अब आसानी से इन्हें लाभान्वित किया जा सकेगा।
स्थानीय स्तर समिति की बैठक में श्री नयन सिंह, उपसंचालक सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण कटनी, श्री आर. के. आठ्या मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, शासकीय अधिवक्ता श्री रजनीश सोनी, श्रीमति प्रीति श्रीवास्तव सामाजिक सुरक्षा विस्तार अधिकारी एवं अन्य विभागीय कर्मचारियों के साथ ही आवेदक भी उपस्थित रहे।


