रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम । भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध नगरपालिका कर्मचारी मजदूर संघ नर्मदापुरम के कार्यकारी अध्यक्ष महेश वर्मा ने बताया हैं कि माह सिंतबर के मासिक वेतनो का भुगतान माह अक्टूबर की समाप्ति के बाद भी नहीं किया गया है। और लेखाशाखा में पता किया गया तो सदा सदाया जबाब दिया गया कि शासन से प्राप्त होने वाला चुंगी क्षतिपूर्ति का ड्राफ्ट नहीं आया है इसलिए कर्मचारियों को मासिक वेतनों का भुगतान नहीं हो पाया है
आर्थिक संकट वेतन के अभाव में नगरपालिका के कर्मचारी नवरात्रि का पर्व भी नहीं मना पाये। निकट भविष्य में दीपावली का पर्व आ रहा है जिसमें एक सौ एक प्रतिशत गारंटी है कि माह अक्टूबर के मासिक वेतनो का भुगतान भी नहीं किया जावेगा व सांतवे वेतनमान के अंतरराशि की एक किश्त रूकी हुई है उसका भुगतान भी होना असंभव है। जब मासिक वेतनो के भुगतान का संकट कमीशन खोरी की वेदी पर खड़ा कर दिया है तो सांतवे वेतनमान के अंतरराशि की शेष किश्त का भुगतान नगरपालिका से होना असंभव है हमेशा देखने में आया है कि हिंदुओं के महान पर्व रक्छाबधंन, दशहरा, दीपावली, होली जब जब आते है उसके एक माह पूर्व से जान बूझकर नगरपालिका आर्थिक संकट की स्थिति निर्मित करती है ऐसी स्थिति निर्मित क्यों होती हैं इसकी जांच संग्यान लेकर कर्मचारियों के हित में जिला प्रशासन के अधिकारी व राजनीति की द्रष्टी विधायक महोदय नहीं करते हैं कोई सा भी पर्व हो सुरसा के मुँह की तरह नगरपालिका में आर्थिक संकट की स्थिति हमेशा ही निर्मित की जाती हैं
विश्वनीय सूत्रों से ज्ञात हुआ है कुछ पार्षदगणों ने एक एक लाख की चालीस फाईल यानि चालीस लाख को लेकर भुगतान के लिए आडिट करवा ली थी शासन से आने वाला चुंगीछति पूर्ति ड्राफ्ट समय पर आ गया था उसमे से कुछ फाइलों के एक एक लाख में बीस लाख का भुगतान किये जाने से कर्मचारियों के मासिक वेतनों का भुगतान नहीं हो पाया हैं। कर्मचारियों के कार्य में गुणवत्ता देखने वाले जिला प्रशासन के अधिकारी इस विषय पर संज्ञान लेकर नगरपालिका में दोषी कर्मचारी, अधिकारी के प्रति दंडात्मक कार्यवाही करेगें
विगत एक डेढ वर्ष से विधायक प्रतिनिधि, नगरपालिका अध्यक्ष व सीएमओ साहब से संवाद ,वार्ता में कई बार सुझाव दे चुका हैं कि शहर में राजस्व के बडे बकायादारों के नाम चौक चौराहों पर सार्वजनिक किये जावे, नगरपालिका अधिनियम के तहत कार्यवाही की जावे, नगरनिगम जबलपुर में बड़े राजस्व बकायादारों के बैंक खाते नगरपालिका अधिनियम के तहत कार्यवाही कर बंद करके राजस्व वसूली की अनूठी मिशाल पेश की गई । नर्मदापुरम में जिला प्रशासन, नगरपालिका प्रशासन / परिषद में इतना दम खम नहीं है कि बडे बकायादारो पर नगरपालिका अधिनियम के तहत राजस्व वसूली को लेकर कार्यवाही कर सके या नाम चौक चौराहों पर सूचीवार सार्वजनिक कर सके ।
मजदूर संघ चेतावनी देते हुए मध्य प्रदेश शासन, जिला प्रशासन, नगरपालिका प्रशासन /परिषद से अपेक्षा करता है कि दीपावली पर्व के पूर्व कर्मचारियों के माह अक्टूबर के मासिक वेतन व सांतवे वेतनमान की अंतरराशि का भुगतान किया जावे । आर्थिक संकट के अभाव की स्थिति में आचार संहिता में भी ट्रेड यूनियन अधिकार के अंतर्गत आंदोलन किया जाता है तो उसका संपूर्ण दायित्व नगरपालिका परिषद, जिला प्रशासन की रहेंगी ।


