निर्धारित समयावधि में प्रकरणों को न्यायालय में पेश न करने पर तत्कालीन खाद्य सुरक्षा अधिकारी को थमाया शो कॉस
कटनी – खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम से संबंधित दो प्रकरणों में कलेक्टर कटनी अवि प्रसाद ने खाद्य प्रत्यायोजित शक्तियों का उपयोग करते हुए उक्त प्रकरणों को सक्षम न्यायालय के समक्ष अभियोजन हेतु अनुमोदित किया है। साथ ही दोनों प्रकरणों को निर्धारित समयावधि में सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किए जाने पर तत्कालीन खाद्य सुरक्षा अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
*ये हैं प्रकरण*
तत्कालीन खाद्य सुरक्षा अधिकारी देवेंद्र कुमार दुबे द्वारा कटनी जिले में अपनी पदस्थापना के दौरान 26 अक्टूबर 2020 को सिल्वर टॉकीज रोड कटनी स्थित सुहाने खोवा भंडार के प्रोप्राइटर सुनील सुहाने पिता बसोरीलाल सुहाने 40 वर्ष निवासी पन्ना मोड़ वार्ड क्रमांक 3 से विक्रयार्थ संग्रहित खोवा का नमूना जांच हेतु लिया गया था। जो जांच में अवमानक होना पाया गया। इसी तरह तत्कालीन खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री दुबे द्वारा 8 जनवरी 2021 को बस स्टैंड बहोरीबंद स्थित केशव किराना प्रोप्राइटर केशव गुप्ता पिता धनीराम गुप्ता निवासी जैन मंदिर बहोरीबंद के पास से विक्रय एवम् संग्रहित खाद्य पदार्थ मिर्च पाउडर और अजवाइन के नमूने जांच के लिए लिए गए। जांच उपरांत 23 अप्रैल 2021 को उक्त नमूने में से अजवाइन (गृह लक्ष्मी स्पाइसेस) का मिथ्याछाप होना पाया गया।
*समयावधि में न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किए प्रकरण*
अवमानक खोवा पाए जाने पर सुनील सुहाने प्रोप्राइटर सुहाने खोवा भंडार सिल्वर टॉकीज रोड कटनी के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 की धारा 26(2)(पप) सहपठित धारा 51 के अंतर्गत एवम् मिथ्याछाप अजवाइन का विक्रय पाए जाने पर केशव गुप्ता प्रोप्राइटर केशव किराना बस स्टैंड बहोरीबंद के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम की धारा 26(2)(पप), 27(3)(क), 64(1)(प) सहपठित धारा 52(1), 58 अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। अभिहित अधिकारी खाद्य सुरक्षा प्रशासन से अभियोजन स्वीकृति प्राप्त होने के बाद भी तत्कालीन खाद्य सुरक्षा अधिकारी देवेंद्र दुबे द्वारा निर्धारित समयावधि में उक्त दोनों प्रकरण सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किए गए। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2021 में कोविड महामारी का दौर होने और इसी बीच खाद्य सुरक्षा अधिकारी देवेंद्र दुबे का स्थानांतरण जिले से उपसंचालक खाद्य एवं औषधि प्रशासन भोपाल हो गया था, किंतु उक्त दोनों प्रकरण श्री दुबे द्वारा कार्यालय में पदस्थ किसी भी खाद्य सुरक्षा अधिकारी को प्रभार में नहीं सौंपे गए।
*कलेक्टर ने जारी किया कारण बताओ नोटिस*
आम जन के स्वास्थ्य से जुड़े खाद्य सुरक्षा के इन दोनों महत्वपूर्ण प्रकरणों के संज्ञान में आने के बाद सजग कलेक्टर अवि प्रसाद ने देवेंद्र दुबे तत्कालीन खाद्य सुरक्षा अधिकारी वर्तमान पदस्थापना कार्यालय उपसंचालक खाद्य एवं औषधि प्रशासन भोपाल को उक्त प्रकरणों को समयावधि में सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किए जाने को कर्तव्य के प्रति गंभीर लापरवाही माना है। उक्त कृत्य को मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 का उल्लंघन पाते हुए कलेक्टर श्री प्रसाद ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री दुबे को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही 7 दिवस में अपना जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश देते हुए जवाब न देने की स्थिति में एक पक्षीय कार्यवाही की चेतावनी दी है।
*अभियोजन हेतु कलेक्टर ने दी अनुमति*
आम जनों के स्वास्थ्य से जुड़े इन दोनों प्रकरणों को कलेक्टर श्री प्रसाद द्वारा सक्षम न्यायालय के समक्ष अभियोजन हेतु अनुमोदित किया है। उन्होंने आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवम् नियंत्रक , खाद्य सुरक्षा एवम् औषधि प्रशासन मध्यप्रदेश के आदेश क्रमांक 3/खाद्य/32/2013/7780 भोपाल दिनांक 25.09.2013 खाद्य प्रत्यायोजित शक्तियों का उपयोग करते हुए खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 की धारा 77 के अंतर्गत दोनो प्रकरणों को सक्षम न्यायालय के समक्ष अभियोजन हेतु अनुमोदित करते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारी को प्रकरण अविलंब दायर कर अवगत कराने आदेशित किया है।
*लग सकता है 5 लाख का जुर्माना*
उल्लेखनीय है कि खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 विनियम 2011 के अंतर्गत धारा 26(2) सहपाठित धारा 51 के अंतर्गत अवमानक खाद्य पदार्थ के विक्रय करने 5 लाख रुपए जुर्माना का प्रावधान है। वहीं धारा 26(2) सहपठित धारा 52 के विक्रय करने पर 3 लाख रुपए जुर्माने का प्रावधान है।
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