कटनी। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विधानसभा निर्वाचन 2023 के चुनाव की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता प्रभावशील हो चुकी है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी अवि प्रशाद ने आयुध अधिनियम-1959 की धारा-17 (3) के प्रावधानों के तहत कटनी जिले के निर्वाचन क्षेत्रों के अंतर्गत थाना क्षेत्रों की शस्त्र अनुज्ञप्तियां तत्काल प्रभाव से निलंबित किये जाने का आदेश जारी किया है।
आदेश के तहत मजिस्ट्रेट, पुलिस सशस्त्र बल, रेल्वे पुलिस, सेना, होमगार्ड, कॉमर्शियल बैंकों, गोल्ड लोन कंपनियों इत्यादि की सुरक्षा हेतु पदस्थ सुरक्षा गार्डाे को निको शस्त्र अनुज्ञप्ति फार्म नंबर- ससस में कर्तव्य निर्वहन हेतु प्रदाय की गई है को मुक्त रखा गया है। राष्ट्रीय रायफल एशोसिएशन से जुडे हुए खिलाड़ी सदस्य को इन प्रतिबंधों से छूट होगी।
प्रत्याशी के समर्थन मे जुलूस और मीटिंग में किसी भी व्यक्ति के द्वारा शस्त्र का प्रदर्शन करना एवं ले जाना प्रतिबंधित होगा। सभी शस्त्र लायसेंस जिनकी वैधता समाप्त हो गई है या लाईसेंस धारी की मृत्यु हो गई है को अनिवार्यतः 3 दिवस में थाने में जमा कराना होगा। शस्त्र अनुज्ञप्ति जमा करने के संबंध में जिला स्तर पर गठित स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा निर्णय लिया जायेगा। किसी धार्मिक जलसे, आयोजन, वैवाहिक समारोह, मेले व सार्वजनिक स्थान पर शस्त्र को ले जाना वर्जित किया जाता है।
संबंधित थाना प्रभारियों को एम.एच.ए द्वारा जारी एडवाईजरी 17-जनवरी 2019 का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया है। आदेश का पालन नहीं करने वाले के विरूद्ध आर्मस एक्ट और आर्मस नियम 2016 के अतिरिक्त भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के तहत अभियोजन की कार्यवाही करते हुए उसके शस्त्र की अनुज्ञा को निरस्त करते हुए उसे 6 महीने का कारावास या एक हजार रूपये का जुर्माना अथवा दोनों का दंड दिया जा सकता है।
यह आदेश तत्काल प्रभाव से कटनी जिले के अंतर्गत आने वाले निर्वाचन क्षेत्रों एवं जिले की राजस्व सीमाओं के अंतर्गत प्रभावशील होगा।


