कटनी – आगामी विधानसभा निर्वाचन 2023 को मद्देनजर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री Avi Prasad ने जिले की संपूर्ण राजस्व सीमा अंतर्गत किसी भी प्रकार की निर्वाचन तथा राजनैतिक प्रचार-प्रसार गतिविधियों में बाल एवं किशोर श्रमिकों का नियोजन पूर्णतः प्रतिबन्धित किया गया है। किसी भी नियोजक अथवा संस्थान या राजनैतिक दल द्वारा उक्त नियमों का उल्लंघन पाये जाने पर अधिनियम के प्रावधानों अंतर्गत दण्डात्मक कार्यवाही की जावेगी।
उल्लेखनीय है कि बाल श्रम अधिनियम की धारा-3 के अंतर्गत 14 वर्ष तक के बाल श्रमिक का खतरनांक तथा गैर-खतरनांक सभी प्रकार के नियोजनों में नियोजन पूर्णतः प्रतिबंधित हैं तथा 2 (अ) में यह भी प्रावधान किया गया है कि वह कुटुम्ब के उपक्रम में भी विद्यालय समय और रात 7 बजे से प्रातः 8 बजे तक कोई कार्य नहीं करेगा। नियम 2 (ई) के अनुसार बच्चों से कलाकार के रूप में कार्य लिये जाने हेतु भी नियंत्रण लगाये गये हैं तथा ऐसे किसी कार्यक्रम में बच्चों को सम्मिलित किये जाने पर संबंधित निर्माता या एजेंसी को जिला दण्डाधिकारी को कार्यक्रम या शूटिंग आरंभ करने से पूर्व निर्धारित प्रारूप में सूचना देना होगा।
इसी प्रकार अधिनियम की धारा 3ए के अंतर्गत 14 से 18 वर्ष के कुमार श्रमिकों का खतरनाक (जैसे- ज्वलनशील, विस्फोटक, खतरनांक रासायनिक उद्योग) उद्योगों में नियोजन प्रतिबन्धित है। तथा इनके कार्य के घंटे भी विनिश्चित किये गये हैं।
*दण्डात्मक प्रावधान*
बाल श्रम अधिनियम की धारा 14 अंतर्गत 3 तथा 3ए के उल्लंघन की स्थिति में रूपये दण्डात्मक प्रावधान 20 हजार रूपये से 50 हजार रूपये तक जुर्माना तथा 6 माह से 2 वर्ष तक कारावास या दोनों से दंडित किया जा सकता है। बाल श्रम अधिनियम की धारा 12 के अंतर्गत सभी प्रतिष्ठानों या नियोजकों को अधिनियम की धारा 3ए एवं 14 के प्रावधानों को स्पष्ट, पठनीय एवं स्थानीय भाषा में सूचना प्रदर्शित करना अनिवार्य है।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अवि प्रसाद ने समस्त औद्योगिक संस्थान एवं प्रतिष्ठान व समस्त विभागों सहित समस्त मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों को बाल एवं कुमार श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 के तहत किये गए नियमों एवं प्रावधानों का कडाई से पालन करने हेतु निर्देशित किया है।
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