जिला अस्पताल में एक मेट्रेन की मनमानी का मामला विगत दिवस उजागर हुआ था। जिसमें एक बीमार नर्स के छुट्टी मांगे जाने पर पहले तो मैट्रेन ने उससे रुपए मांगे और जब रुपए नहीं मिले तो उसे सरेआम थप्पड़ रसीद कर दिया। घटना के बाद पीड़ित स्टाफ नर्स ने कोतवाली थाने में लिखित शिकायत की थी। इसी मामले को लेकर आज स्टाफ नर्स ने मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी एवं सिविल सर्जन को लिखित शिकायत सौंपते हुए दोषी मेट्रेन को पद से बर्खास्त करने की मांग की है।
यह थी घटना
जिला अस्पताल में पदस्थ स्टाफ नर्स सुलोचना चक्रवर्ती ने बताया कि वह 18 सितंबर से 21 सितंबर तक आकस्मिक अवकाश पर थी। स्वास्थ्य खराब होने के कारण वह 22 सितंबर को अस्पताल नहीं आई। बीमारी की हालत में जब वह 23 सितंबर को अस्पताल पहुंची तो उसने दोपहर लगभग 3 बजे जिला अस्पताल में पदस्थ मैट्रेन कमला चौधरी से चार घंटे काम करने के बाद जल्दी घर जाने का आग्रह किया। स्टाफ नर्स सुलोचना चक्रवर्ती ने आरोप लगाते हुए कहा कि जल्दी घर जाने की छुट्टी मांगने पर मैट्रेन 1000 रुपए की मांग करने लगी। जब उसने इतने पैसे ना होने की बात कही और 200 रुपए मैट्रेन को देने लगी तो नाराज मैट्रेन ने स्टाफ नर्स को सरेआम तमाचा जड़ दिया।


