रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। क्षमा वाणी उत्सव एंव दस लक्षण धर्म पर संगोष्ठी भी की गई अच्छे वक्ता को पुरूस्कृत भी किया गया। जैन धर्म में पर्वराज पर्यूषण के दस लक्षण धर्म होते है पहला दिन उत्तम क्षमा का होता है ओर पर्यूषण समाप्त होने के उपरॉंत क्षमा वाणी पर्व मनाया जाता है जिसमें सभी समाज बंधु एक दूसरे से साल भर की गल्तिओं मन ओर बचन से क्षमा मॉंगते है ओर क्षमा करते भी है जैन समाज का यह पर्व बहुत ही अनूठा पर्व हदय को सहज बनाता है । ओर अपनी गल्ति को स्वीकार कराता है। मंच की अध्यक्ष नीरजा फौजदार ने बताया कि नर्मदापुरम की सभी जैन संस्थायें प्रतिवर्ष यह पर्व बहुत ही धूमधाम से मनाते है समाज प्रमुख के आतिथ्य में कार्यक्रम आयोजित होता है ओर क्षमावाणी के उपरॉंत सब मिलकर गरबा का आयोजन भी करते है । बैठक में दस लक्षण पर संगोष्ठी का आयोजन भी किया गया अच्छे वक्ता को पुरस्कृत भी किया गया । उक्त बैठक में नीरजा फौजदार , अनीता अरुण जैन , शारदा जैन , अनीता आर एल जैन , रितु जैन , अर्चना सिंघई , रीना रत्नेश जैन , सुनीता जैन , सरिता जैन , श्वेता जैन , मोनिषा जैन , विनीति जैन , रेखा गोयल , राशि जैन आदि उपस्थित थी अंत में सुनीता जैन ने सभी का आभार व्यक्त किया।


