उमरियापान:- मंदिरों और पंडालों में मंगलवार यानि आज से गणपति बप्पा मोरिया के जयकारे सुनाई पड़ने लगेंगे। इसके लिए कलाकारों ने प्रतिमाओं को अंतिम रूप दे दिया हैं। गणेश चतुर्थी का पर्व 19 सितंबर अगस्त को मनाया जाएगा,जो पूरे 10 दिनों तक चलेगा।कलाकार गणेश उत्सव को लेकर कुछ मूर्तियां पूरी तरह से तैयार कर चुके हैं तो कुछ अंतिम रूप में जुटे हैं। इस बार मूर्तियों की डिमांड बढ़ गई है। कई श्रद्धालु भगवान गणेश की मूर्ति खरीदकर ले जा चुके हैं। इसके लिए श्रद्धालुओं में गणेश चतुर्थी पर्व बनाने को लेकर उत्साह है।भक्त अपने-अपने तरीके से गणेश उत्सव मनाने के लिए तैयारी में जुट चुके है। गणेश उत्सव को लेकर कलाकारों ने दो से 8 फुट तक की मूर्ति तैयार किया है। इसकी कीमत 6 सौ से लेकर 10 हजार तक है।मूर्ति का अंतिम रूप दे रहे उमरियापान निवासी मूर्तिकार बारेलाल चक्रवर्ती, भागचंद चक्रवर्ती सहित अन्य कलाकारों का कहना है कि गणपति पूजा के दो माह पहले से ही मूर्तियां तैयार होने लगती है।मूर्ति तैयार करने की सामग्री काफी महंगी है। इसकी वजह से मूर्तियों की उचित कीमत रखी गई है। मूर्ति को तैयार करने में लाल, पीला, हरा, काला व सफेद रंग सहित अन्य सामग्रियों का इस्तेमाल किया जाता है।कई स्थानों पर तो सोमवार को हरितीज और गणेश चतुर्थी तिथि होने पर गणेश प्रतिमाओं की स्थापना हो चुकी है। जबकि गणेश समिति के सदस्य मंगलवार को गणेश प्रतिमा स्थापित करने की तैयारियां में जुटे हैं।
रिपोर्टर राजेंद्र कुमार चौरसिया ढीमरखेड़ा कटनी


