रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती “राष्ट्रीय खेल दिवस” के अवसर पर नर्मदापुरम के सेमेरिटन्स स्कूल द्वारा आयोजित खेल उत्सव में डा राजेश शर्मा के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। इस अवसर पर डा राजेश शर्मा ने कहा कि खेल हमारे बच्चों और युवाओं के लिए संजीवनी का काम करते हैं। आजकल बच्चे मानसिक रूप से बहुत सक्रीय है, किंतु शरीर को वे उसकी पूर्ण क्षमता पर उपयोग में नही ला रहे। खेल से बच्चे समूह में रहना, सहकार और सबसे बढ़कर पसीना बहाना सीखते हैं। जिसका सीधा प्रभाव उनके शारीरिक , मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। अतः आजकल के माता-पिता से करबद्ध यह निवेदन करना चाहता हूँ कि अपने बच्चों को बाहर खेलने के लिए प्रोत्साहित करें। मोबाइल टीवी और अत्यधिक पढ़ाई से उनका सर्वांगीण विकास बाधित हो रहा है। पढ़ाई और खेलों के बीच बैलेंस बनाये और हमारे विकसित भारत के कर्णधारों के हर पक्ष को मजबूत करने के लिए प्रयास करें।


