कटनी/ म0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, श्री धरमिन्दर सिंह राठौड के निर्देशन में बालकों के यौन उत्पीड़न को रोकने के संबंध में शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज में नुक्कड़ नाटक एवं विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर के दौरान जिला न्यायाधीश/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, श्री निलेश कुमार जिरेती ने अपने सम्बोधन में बालक एवं बालिकाओं को जागरूक करते हुये कहा कि यदि कोई व्यक्ति किसी बालक अथवा बालिका के साथ गलत कार्य या अपराध करने का प्रयास करता है तो उसे शीघ्र इसकी जानकारी अपने माता-पिता एवं शिक्षक को बतानी चाहिए जिससे अपराध को उसकी शुरूआत में ही रोका जा सकें साथ ही बच्चो को मोबाइल के दुष्प्रभावो के बारे में भी अवगत कराते हुए सचेत किया कि वे मोबाइल का उपयोग सावधानी पूर्वक अपने ज्ञानवर्धन के लिए ही क रें साथ ही मोटर व्हीकल एक्ट के महत्वपूर्ण प्रावधानों के बारे मे भी बताया।
इस अवसर पर श्री अनुज कुमार चंसौरिया जिला विधिक सहायता अधिकारी ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में जानकारी देते हुये बच्चो को उनके मौलिक अधिकारों एवं कर्तव्यों के बारे में तथा जिला न्यायालय में स्थापित ई-सेवा केन्द्र व लीगल एड डिफेंस कॉउसिल सिस्टम के बारे भी अवगत कराया और कहा किसी कानूनी समस्या के समाधान के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क कर सकते है। इस अवसर पर समाज सेवी एवं अधिवक्ता श्रीमती अंजू रेखा तिवारी ने भी बच्चों को उनके संबंध में होने वाली अपराधों को रोकने के बारे में जागरूक किया।
शिविर के पश्चात महाविद्यालय के विद्यार्थियों के द्वारा दहेज प्रथा एवं बालको के यौन उत्पीड़न विषय पर नुक्कड़ नाटक का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षकगण एवं अधिक संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहें।


