मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में लेखापाल सहित दो कर्मचारी रिश्वत लेते धराए,लोकायुक्त पुलिस की छापामार कार्यवाही,50 हज़ार की मांगी थी रिश्वत,30 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए…..
रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। जिला मुख्यालय पर उस वक्त प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया जब गुरुवार दोपहर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में लोकायुक्त भोपाल की पुलिस टीम द्वारा रिश्वतखोरी के मामले में सीएमएचओ कार्यालय के लेखापाल सहित दो बाबू को रंगे हाथों दबोचा जाने की खबर वायरल हुई। अवगत हो कि कुछ माह पहले ही पूर्व सीएमएचओ डॉ.प्रदीप मोजेश दो हजार की रिश्वत अपने विभाग के बाबू से लेते हुए लोकायुक्त पुलिस ने पकड़ा था। गुरुवार दोपहर लोकायुक्त डीएसपी वीके सिंह के नेतृत्व में 9 सदस्य टीम ने सीएमएचओ कार्यालय नदापुरम में छापामार कार्यवाही करते हुए
अकाउंटेंट महेश मेवारी, बाबू संतोष नगाइच, ऑपरेटर गजेंद्र वर्मा को ₹30 हज़ार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। खबर की सूचना वायरल होते ही जिले भर के स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया। छापामार कार्यवाही के संबंध में लोकायुक्त टीआई आशीष भट्टाचार्य ने बताया कि सीएमएचओ कार्यालय में पदस्थ जिला पब्लिक हेल्थ नर्सिंग ऑफिसर सुश्री निर्मला थंडवाल (डीपीएचएनओ) से उनका समयमान वेतनमान का एरियर लगभग साढ़े 7 लाख रुपए का भुगतान के लिए करीब दो वर्षों से परेशान किया जा रहा था।
उनसे रिश्वत के रूप में ₹50 हज़ार बिल पास कराने के एवज में मांगे गए थे। परेशान होकर जिसकी शिकायत सुश्री निर्मला मैडम द्वारा लोकायुक्त पुलिस भोपाल में की गई थी। आज लेखापाल द्वारा पहली किस्त के रूप में ₹30 हज़ार मांगे थे। सुबह से ही लोकायुक्त टीम ने छापामार की पूरी तैयारी कर ली थी जैसे ही शिकायतकर्ता निर्मला थंडवाल द्वारा ₹30 हज़ार अकाउंटेंट महेश मेवारी को देने पहुंची। उनके द्वारा ₹30 हज़ार का लिफाफा बाबू संतोष नगाइच द्वारा लिया गया। फिर वो लिफाफा बिल जनरेट करने वाले कंप्यूटर ऑपरेटर गजेंद्र वर्मा को दिया गया, इसी दौरान छापामार कार्यवाही की गई। शिकायतकर्ता जिला पब्लिक हेल्थ नर्सिंग अधिकारी सुश्री निर्मला थंडवाल ने बताया कि पिछले 2 वर्षों से उनके समय मान वेतनमान एरियर्स के लिए परेशान हो रहे हैं। राजधानी भोपाल तक अधिकारियों से निवेदन कर चुकी है उसके बाद भी जब भुगतान नहीं हुआ तो उन्होंने भुगतान के लिए हाईकोर्ट की शरण ली। हाईकोर्ट के दिशा निर्देश के बाद भी विभाग के जवाबदार अधिकारी और बाबू हीला हवाली करते रहे। जिसके बाद ₹50 हज़ार की रिश्वत के एवज में साढे ₹7 लाख के उनके समयमान वेतनमान एरियर्स का भुगतान की बात तय हुई। जिसकी शिकायत उनके द्वारा लोकायुक्त में की गई थी। सुश्री थंडवाल ने बताया कि अगले माह सेवानिवृत्त होना है। लगभग 30 वर्ष इसी पद पर रहकर कार्य किया है। उसके बाद भी विभाग में निरंतर उन्हें प्रताड़ित किया जाता रहा है। उनके कक्ष में सेलिंग फेन तक बंद पड़ा हुआ है और अब उन्हें दबाव बनाकर कक्ष खाली कराया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उक्त कक्ष को रवि दुबे सहायक ग्रेड 3 स्टोर कीपर बाबू के लिए सेवानिवृत्ति से पहले ही दबाव बनाकर खाली कराया जा रहा हैं। अनूसूचित जाति वर्ग से होने के कारण उन्हें सुविधाओं से वंचित भी किया गया है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग में लोकायुक्त टीम की छापामार कार्यवाही के बाद हड़कंप मचा हुआ है। आज जब उनके द्वारा ₹30हज़ार अकाउंटेंट महेश मेवारी को देने पहुंची। उनके द्वारा ₹30 हज़ार का लिफाफा बाबू संतोष नगाइच द्वारा लिया गया। फिर वो लिफाफा बिल जनरेट करने वाले कंप्यूटर ऑपरेटर गजेंद्र वर्मा को दिया गया,इसी दौरान छापामार कार्यवाही की गई। शिकायतकर्ता जिला पब्लिक हेल्थ नर्सिंग अधिकारी सुश्री निर्मला ठंड वालों ने बताया कि पिछले 2 वर्षों से उनके समय मान वेतनमान एरियर्स के लिए परेशान हो रहे हैं राजधानी भोपाल तक अधिकारियों से निवेदन कर चुकी है उसके बाद भी जब भुगतान नहीं हुआ तो उन्होंने भुगतान के लिए हाईकोर्ट की शरण ली। हाईकोर्ट के दिशा निर्देश के बाद भी विभाग के जवाबदार अधिकारी और बाबू हीला हवाली करते रहे । जिसके बाद ₹50 हज़ार की रिश्वत के एवज में साढे ₹7 लाख के उनके समयमान वेतनमान एरियर्स का भुगतान की बात तय हुई। जिसकी शिकायत उनके द्वारा लोकायुक्त में की गई थी। आपने बताया कि अगले माह सेवानिवृत्त होना है। लगभग 30 वर्ष इसी पद पर रहकर कार्य किया है। उसके बाद भी विभाग में निरंतर उन्हें प्रताड़ित किया जाता रहा है। उनके कक्ष में पंखा तक बंद पड़ा हुआ है और अब उन्हें दबाव बनाकर कक्ष खाली कराया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उक्त कक्ष को रवि दुबे बाबू के लिए सेवानिवृत्ति से पहले ही दबाव बनाकर खाली कराया जा रहा हैं। अनूसूचित जाति वर्ग से होने के कारण उन्हें सुविधाओं से वंचित भी किया गया है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग में लोकायुक्त टीम की छापामार कार्यवाही के बाद हड़कंप मचा हुआ है।


