कलेक्टर अवि प्रसाद ने स्वास्थ्य महकमें को प्रसव के रेफरल प्रकरणों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की किये जाने के निर्देश दे रखे है। उन्होंने स्वास्थ्य अमले को स्पष्ट निर्देश दिए है कि संस्थागत प्रसव कराये जायें, अनावश्यक रूप से सामान्य प्रसव के मामलों को रेफर नहीं किया जाये। साथ ही गर्भवती महिला की एएनसी के दौरान निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत सभी आवश्यक जांचें पूर्ण कराई जायें। इन सब मामलों में कोताही बरतने पर कड़ी कार्यवाही की जायेगी।
विगत दिवस स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान दो दिवस पूर्व जिले के उपस्वास्थ केन्द्र में पदस्थ 2 सी.एच.ओ एवं 5 ए.एन.एम द्वारा गर्भवती महिला को प्रसव हेतु जिला चिकित्सालय रिफर करना सही नहीं पाये जाने तथा गर्भवती महिलाओं की एएनसी के दौरान नियमानुसार एक भी जांचें नही किये जाने पर कलेक्टर श्री प्रसाद द्वारा नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को संबंधितों को नोटिस जारी करनें के निर्देश को दिए गए।
इन स्वास्थ्य कर्मियों को जारी हुआ कारण बताओ नोटिस
कलेक्टर श्री प्रसाद के निर्देश के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा 5 ए.एन.एम एवं 2 सी.एच.ओ को नोटिस जारी किया जाकर दो दिवस में स्पष्टीकरण तलब किया गया है। जन स्वास्थ्य कर्मियों को स्पष्टीकरण जारी किया गया है उनमें उपस्वास्थ्य केन्द्र बरही ब्लॉक बड़वारा की अल्का पाण्डेय, उपस्वास्थ्य केन्द्र सुपेली ब्लॉक बहोरीबंद की कल्पना नामदेव एवं सी.एच.ओ. रानू पटेल, उपस्वास्थ्य केन्द्र कन्हवारा की ज्योति पटेल एवं सोनाली बर्मन, उपस्वास्थ्य केन्द्र रूढ़मुढ़ की ए.एन.एम. मोनिका धुर्वे एवं सी.एच.ओ श्रेया चौरसिया का नाम शामिल है। इन्होनें ए.एन.सी के दौरान गर्भवती महिलाओं की एक भी जाचें नहीं की थी, जबकि उपस्वास्थ्य केन्द्र सुपेली के स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा मात्र एक ही जांच की गई थी तथा जिला चिकित्सालय द्वारा गर्भवती महिलाओं को प्रसव हेतु रेफर किया जाना सही नहीं बताया गया।
