स्कूल की छत का प्लास्टर टूटकर गिराने से आज एक बच्ची घायल हो गई । जिसे घायल अवस्था में सरकारी अस्पताल पहुंचकर इलाज कराया गया ।
गौरतलब यह है कि अधिकतर शासन द्वारा शिक्षा को लेकर लाखों रुपए खर्च करने के बावजूद भी शिक्षा स्तर नीचे गिरने के साथ-साथ भवनों का भी स्तर नीचे गिरता जा रहा है । वही देखा गया कि आज भी क्षेत्र के कई स्कूलों मैं बच्चे जर्जर भवनों में नीचे बैठकर शिक्षा अध्यन करते हैं। परंतु उन भवनों की मरम्मत शाला प्रबंधन द्वारा बिल्कुल भी नहीं कराए जाने से बैठकर पढ़ने वाले बच्चे घायल हो रहे है ।
ऐसा ही एक ताजा मामला कटनी जिले के रीठी जनपद शिक्षा केंद्र अंतर्गत आने वाले शासकीय प्राथमिक शाला मुहास का मामला सामने आया। जहा आज 13जुलाई को
स्कूल की छत का प्लास्टर टूटकर गिराने से आज एक बच्ची घायल हो गई । जिसे घायल अवस्था में सरकारी अस्पताल पहुंचकर इलाज कराया गया ।
बताया गया कि पन्ना जिले की शाहनगर तहसील क्षेत्र ग्राम बरखेरा निवासी ,बच्ची निधि पिता राजकुमार पटेल जो मुहास मैं अपने नाना, नानी के यहां पर रहकर पढ़ाई कर रही थी l जो आज स्कूल मैं दोपहर के समय लग रहे गणित के चौथा पिरियट मैं आचनक जर्जर स्कूल की छत का प्लास्टर टूटकर बच्ची के सिर पर आ गिरा, जिससे बच्ची के सिर गहरा घाव हो गया । वही घायल हुई बच्ची को शिक्षकों द्वारा प्रथम उपचार कर परिजनों को सूचना दी । वेसे ही परिजन बच्ची को लेकर रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे।
अब सवाल यह उठता है कि यदि क्षेत्र के स्कूलों की समीक्षा कर जर्जर भवनों की मरम्मत नहीं कराई गई तो ,भविष्य मैं बच्चों के साथ कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है ।
हरिशंकर बेन


